नई दिल्ली, पीटीआइ : युवराज सिंह और सुरेश रैना का श्रीलंका के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज में नहीं चुने जाने का मुख्य कारण इन दोनों का राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में ‘यो-यो’ दमखम परीक्षण में नाकाम रहना रहा। भारतीय टीम नियमित तौर पर कई तरह के फिटनेस परीक्षण से गुजरती है और इनमें ‘यो-यो’ दमखम परीक्षण सबसे महत्वपूर्ण है। पुरानी पीढ़ी जिस तरह के परीक्षण से गुजरती थी यह उसकी तुलना में बेहतर ‘बीप’ टेस्ट है।

वर्तमान भारतीय टीम को अभी तक की सबसे फिट टीम माना जाता है। यह पता चला है कि वर्तमान टीम के लिए ‘यो-यो’ स्कोर 19.5 या उससे अधिक स्वीकार्य है। टीम इंडिया के सबसे फिट क्रिकेटर कप्तान विराट कोहली इस परीक्षण में लगभग 21 का स्कोर बना देते हैं। युवराज और रैना ने इस परीक्षण में 19.5 से काफी कम स्कोर बनाया। पंजाब के युवराज सिंह सिर्फ 16 का स्कोर ही बना पाए जो कि इन दोनों खिलाड़ियों के टीम से बाहर होने का मुख्य कारण रहा।

क्या है ‘यो-यो’ परीक्षण : कई ‘कोन’ की मदद से 20 मीटर की दूरी पर दो पंक्तियां बनाई जाती हैं। एक खिलाड़ी रेखा के पीछे पांव रखकर शुरुआत करता है और निर्देश मिलते ही दौड़ना शुरू करता है। खिलाड़ी लगातार दो लाइनों के बीच दौड़ता है और जब बीप बजती है तो उसे मुड़ना होता है। प्रत्येक एक मिनट या इसी तरह से तेजी बढ़ती जाती है। अगर समय पर रेखा तक नहीं पहुंचे तो दो और ‘बीप’ के अंतर्गत तेजी पकड़नी पड़ती है। अगर खिलाड़ी दो छोरों पर तेजी हासिल नहीं कर पाता है तो परीक्षण रोक दिया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया साफ्टवेयर पर आधारित है, जिसमें परिणाम रिकॉर्ड किए जाते हैं।

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