नई दिल्ली, पीटीआइ। भारत 2019 से 2023 के दौरान सभी प्रारूपों में 81 मैचों की मेजबानी करेगा, जो मौजूदा भविष्य दौरा कार्यक्रम (एफटीपी) से 30 अधिक हैं। हालांकि, व्यस्त क्रिकेटरों को प्रत्येक साल कम दिन क्रिकेट खेलना होगा, क्योंकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) ने कम रैंकिंग वाली टीमों के साथ टेस्ट मैचों में कटौती करने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि अगर टीम इंडिया को नंबर एक टेस्ट रैंकिंग वाली टीम बने रहने के लिए ज्यादा मेहनत करनी होगी। 

सोमवार को बीसीसीआइ की विशेष आम बैठक (एसजीएम) में सदस्यों के बीच एफटीपी पर सर्वसम्मति से सहमति बनी। अगले एफटीपी के दौरान भारत स्वदेश में इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाई प्रोफाइल सीरीज खेलेगा। 

कोहली की शिकायत पर भी गौर 

इसके अलावा कप्तान विराट कोहली की खिलाड़ियों की थकान से संबंधित शिकायत पर भी गौर किया गया। अब कार्यकारी समूह इस पर अंतिम फैसला करेगा। इस समूह में बीसीसीआइ के तीनों पदाधिकारी शामिल हैं। बोर्ड के सचिव से पूछा गया कि स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के थकान के मसले पर कितना गौर किया गया तो उन्होंने कहा, 'भारतीय टीम को 2015 से 2019 के बीच सभी प्रारूपों (देश और विदेश) में 390 दिन क्रिकेट खेलनी थी। नए प्रस्ताव में 2019 से 2023 के बीच उन्हें 306 दिन ही क्रिकेट खेलनी होगी।' 

मैचों की संख्या बढ़ी, पर कम दिन खेलेगी टीम 

बोर्ड के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, 'इससे पहले पांच साल के चक्र (2019-2023) तक के लिए प्रस्तावित एफटीपी में सभी प्रारूपों में 51 मैचों का प्रावधान था। नए प्रस्ताव में इस चक्र में 81 घरेलू मैचों का प्रावधान है।' इसका मतलब है कि पिछले चक्र में भारतीय टीम के लिए औसतन 97.5 दिन थे जो अगले चक्र में 76.5 दिन हो जाएंगे। उन्होंने कहा, 'इसमें आइसीसी चैंपियंस ट्रॉफी और विश्व कप शामिल नहीं हैं, जिनकी मेजबानी क्रमश: 2021 और 2023 में भारत को करनी है।'

टी-20 मैच ज्यादा खेल सकती है टीम इंडिया 

चौधरी ने कहा कि घरेलू सीरीज में मैचों के दिनों की संख्या में 20 प्रतिशत कमी होगी, लेकिन मैचों में 60 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हो जाएगी। हालांकि, एक शीर्ष अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा कि कम रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ कम सीरीज खेली जाएंगी। अभी यह नहीं पता चला है कि किस प्रारूप में कितने मैच खेले जाएंगे, लेकिन चौधरी के बयान से यह साफ हो गया कि भारत घरेलू सीरीज में अधिक टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगा।

ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका की चुनौती

जबकि अधिकतर बड़ी टेस्ट सीरीज ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली जाएंगी। इससे जिस प्रारूप को सबसे अधिक नुकसान होगा, वह द्विपक्षीय वनडे क्रिकेट है। चौधरी ने कहा, 'हमारे आधे घरेलू मैच तीन बड़ी टीमों ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ खेले जाएंगे।' चौधरी से पूछा गया कि इसका मतलब है कि केवल चार देश ही एक-दूसरे के खिलाफ अधिक टेस्ट मैच खेलेंगे, तो उन्होंने कहा, 'आप ऐसा कह सकते हो।'

जारी रहेगी कोच्चि टस्कर्स से कानूनी जंग

नया एफटीपी इस तरह से तैयार किया गया है ताकि अक्टूबर 2018 में बीसीसीआइ को अच्छा प्रसारण करार हासिल हो। अभी वर्तमान प्रसारण अधिकार स्टार स्पोर्ट्स के पास हैं जिसकी अवधि मार्च 2018 में समाप्त हो रही है। अन्य मसलों में बीसीसीआइ ने कोच्चि टस्कर्स केरल के खिलाफ अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखने का फैसला किया, जिसने हाल में 850 करोड़ रुपये के मुआवजे का दावा जीता था। चौधरी ने कहा, 'कोच्चि के पक्ष में फैसला दिया गया था जिसको बीसीसीआइ ने चुनौती दी है। हालांकि, हमारी इस पूर्व फ्रेंचाइजी के साथ अदालत से बाहर मामला सुलझाने के संदर्भ में बात हुई थी। इसके बाद हमने अपनी कानूनी टीम को यह मामला सौंप दिया। हमने फैसला किया कि हमें अदालत से बाहर यह मामला नहीं सुलझाना चाहिए। हम कानूनी प्रक्रिया जारी रखेंगे।'

मोदी हटेंगे तो राजस्थान क्रिकेट संघ से हटेगा बैन

एसजीएम में एक अन्य फैसला राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) का निलंबन हटाने का किया गया, लेकिन इस शर्त के साथ कि इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) के प्रमुख ललित मोदी आरसीए के संचालन से दूर रहेंगे। बीसीसीआइ ने क्रिकेटरों के डोप परीक्षण के मुद्दे पर भी अपना रुख बरकरार रखते हुए कहा कि नाडा को खिलाड़ियों का परीक्षण करने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि बोर्ड वाडा के नियमों का पालन करता है।

अभी साफ होनी है पूरी तस्वीर 

फिलहाल यह साफ नहीं है कि टीम इंडिया किस प्रारूप में कितने मैच खेलेगी। बीसीसीआइ के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना का कहना था, 'आज की बैठक फलदायक रही। कई मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। राजस्थान क्रिकेट के लिए अच्छी बात है कि उसका निलंबन वापस ले लिया गया। एफटीपी पर हम और काम कर रहे हैं। इसका पूरा खाका जल्द सामने आएगा।'

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Posted By: Bharat Singh

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