नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ ने रिद्धिमान साहा को टेस्ट क्रिकेट के लिए अपना फर्स्ट च्वाइस विकेट कीपर माना था, क्योंकि महेंद्र सिंह धौनी ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। ऐसे में साहा भारत के विकेटकीपरों के रूप में लंबे प्रारूप के लिए पहली पसंद थे, क्योंकि उनकी विकेटकीपिंग की तकनीक शानदार थी। आज भी वे अच्छी विकेटकीपिंग करते हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में फर्स्ट च्वाइस विकेटकीपर रिषभ पंत हैं, क्योंकि उनके पास बल्लेबाजी के रूप में प्लस प्वाइंट है।

हालांकि, रिषभ पंत न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी दो मैचों की टेस्ट सीरीज का हिस्सा नहीं हैं, क्योंकि उनको आराम दिया गया है। ऐसे में फर्स्ट च्वाइस विकेटकीपर रिद्धिमान साहा थे, जबकि उनके बैकअप के तौर पर श्रीकर भरत को टीम में मौका मिला था। कानपुर टेस्ट मैच में रिद्धिमान साहा को मौका मिला, लेकिन वे तीसरे दिन के खेल से पहले चोटिल थे और विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी नहीं संभाल सके। ऐसे में श्रीकर भरत को सब्सटीट्यूट विकेटकीपर के रूप में मौका दिया गया, जिन्होंने इस जिम्मेदारी को संभाला।

केएस भरत ने एक ऐसी पिच पर नीचे रहता हुआ कैच पकड़ा, जिसे शायद रिद्धिमान साहा भी इतनी सफाई के साथ नहीं पकड़ पाते, जबकि एक स्टंपिंग भी उन्होंने की, जो दर्शाता है कि वे गेम में कितना शामिल रहना चाहते हैं। इसके अलावा एक और कैच उन्होंने पकड़ा। इस तरह उन्होंने अपनी विकेटकीपिंग की स्किल्स से दर्शा दिया कि वे रिद्धिमान साहा को रिषभ पंत के बैकअप विकेटकीपर के रूप में पछाड़ सकते हैं। इसके पीछे एक नहीं, बल्कि कई कारण हैं और उनको मुंबई टेस्ट मैच में डेब्यू करने का मौका मिल सकता है।

28 वर्षीय केएस भरत को कई बार बैकअप विकेटकीपर के रूप में मौका मिला है, लेकिन वे टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू नहीं कर पाए हैं। हालांकि, मौजूदा हालातों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि टीम मैनेजमेंट अब रिद्धिमान साहा की जगह केएस भरत को देख सकता है। इस तरह वे न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे मैच में डेब्यू कर सकते हैं, क्योंकि उनके पास विकेटकीपर के अलावा एक प्लस प्वाइंट उनकी बल्लेबाजी भी है। श्रीकर भरत की बल्लेबाजी शैली आक्रामक है, जो एक विकेटकीपर की होनी चाहिए।

Edited By: Vikash Gaur