रांची, संजीव रंजन। एक समय था जब वनडे क्रिकेट के सबसे तूफानी बल्लेबाजों में से एक हिटमैन रोहित शर्मा (212) टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए जूझ रहे थे। अंतिम-11 में या तो उन्हें जगह नहीं मिल पा रही थी और अगर मिलती थी तो वह छाप नहीं छोड़ पा रहे थे। हनुमा विहारी जैसे बल्लेबाज के टीम में फिट होने के बाद रोहित के लिए टेस्ट क्रिकेट में खेलने के सारे दरवाजे बंद हो चुके थे।

ओपनिंग पर लगातार असफल हो रहे भारतीय बल्लेबाजों के बीच रोहित को एक नई किरण बतौर ओपनिंग बल्लेबाज दिखाई दी। वह पहले टेस्ट में मध्य क्रम में असफल बल्लेबाज के तौर पर गिने जाते थे लेकिन जैसे ही उन्होंने ओपनिंग पर मौका मिला तो उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया। अब उनके टेस्ट करियर की यह दूसरी पारी शुरू हो चुकी है और उनका 2.0 वर्जन देखने को मिल रहा है।

रविवार को यहां जेएससीए स्टेडियम में रोहित ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का पहला दोहरा शतक छक्का लगाकर दिखाया। और उनकी इस दमदार पारी की बदौलत भारतीय टीम ने नौ विकेट पर 497 रन बनाकर अपनी पहली पारी घोषित की। रोहित के अलावा अजिंक्य रहाणे ने भी शतक जड़ा।

इसके बाद तेज गेंदबाज मुहम्मद शमी व उमेश यादव ने दक्षिण अफ्रीका के दोनों ओपनिंग बल्लेबाजों को पवेलियन भेज मेहमान टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। खराब मौसम के कारण दूसरे दिन भी एक घंटा 37 मिनट पहले खेल समाप्त कर दिया गया। उस समय दक्षिण अफ्रीका की टीम दो विकेट पर नौ रन बनाकर संघर्ष कर रही थी। जुबैर हमजा (00) व कप्तान फाफ डुप्लेसिस (01) खेल रहे हैं। भारत की पहली पारी के आधार पर मेहमान टीम अभी 488 रन पीछे है।

सहवाग का नया अवतार रोहित

सहवाग और रोहित दोनों ही मध्य क्रम के बल्लेबाज रहे हैं। इसके बाद दोनों ही बल्लेबाजों को उनकी वनडे में ओपनर के तौर पर विस्फोटक पारियों को देखते हुए टेस्ट में ओपनिंग पर उतारा गया। खास बात यह है कि सहवाग ने जहां अपने करियर के पहले टेस्ट में मध्य क्रम में छठें स्थान पर खेलते हुए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ब्लॉमफोंटेन में 117 रन की पारी खेली। तो वहीं, रोहित ने वेस्टइंडीज के खिलाफ करियर के पहले टेस्ट में छठे स्थान पर ही उतरकर 177 रन बनाए थे।

इसके अलावा पहली बार ओपनिंग पर उतरते हुए सहवाग ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉ‌र्ड्स में 84 रन बनाए, तो वहीं रोहित ने पहली बार ओपनिंग करते हुए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विशाखापत्तनम में 176 रन कूट दिए थे। सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट में कई मौकों पर अपने शतक, दोहरे शतक यहां तक की तिहरा शतक भी छक्का लगाकर बनाया है। ऑस्ट्रेलिया में तो एक बार वह छक्का लगाने के चक्कर में दोहरे शतक से पांच रनों से चूक गए थे। यही अब रोहित ने रांची में किया। पहले दिन रोहित ने छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया और दूसरे दिन छक्का लगाकर ही अपना दोहरा शतक पूरा किया।

दक्षिण अफ्रीका की फिर खराब शुरुआत

भारत ने चाय से पहले अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 497 रन बनाकर घोषित कर दी। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसके दोनों ओपनिंगबल्लेबाज नौ रन के योग पर पवेलियन लौट गए। मुहम्मद शमी ने पारी के पहले ओवर की दूसरी ही गेंद पर डीन एल्गर (0) को विकेट के पीछे साहा के हाथों लपकवाया। शमी की उठती हुई गेंद ने एल्गर के बल्ले का बाहरी किनारे लेते हुए विकेटकीपर साहा के दस्ताने मे चली गई। मेहमान टीम अभी इस झटके से उबरी भी नहीं थी कि उमेश यादव ने अगले ही ओवर में क्विंटन डिकॉक (04) को भी साहा के हाथों कैच आउट कराकर पवेलियन भेज दिया।

रोहित व रहाणे की जोरदार बल्लेबाजी

इससे पहले रोहित ने टेस्ट किकेट में पहली बार दोहरा शतक जड़ा। रोहित ने 255 गेंदों में 28 चौके और छह छक्कों की मदद से 212 रन बनाए। उप कप्तान अजिंक्य रहाणे ने अपने टेस्ट करियर का 11वां शतक लगाया। रहाणे ने 115 रन बनाए। रोहित ने रांची टेस्ट मैच में अपनी धमाकेदार फॉर्म को जारी रखा। पहले दिन 117 रन की नाबाद पारी खेलने के बाद रोहित फिर से दूसरे दिन रविवार को मैदान पर उतरे और उसी लय में नजर आए।

छक्का मारकर दोहरा शतक किया पूरा

रोहित ने 88वें ओवर की तीसरी गेंद पर छक्का मारकर शतक पूरा किया। मैच के पहले दिन भी रोहित ने छक्का जड़कर शतक पूरा किया था। इसके साथ ही रोहित टेस्ट और वनडे दोनों में 200 या उससे च्यादा रन बनाने वाले भारत के तीसरे व विश्व के चौथे बल्लेबाज बन गए हैं। रोहित से पहले सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और क्रिस गेल यह कारनामा कर चुके हैं।

रोहित व रहाणे के बीच 267 रनों की साझेदारी

रोहित व रहाणे ने चौथे विकेट के लिए 267 रनों की साझेदारी की। मैच के पहले दिन जब टीम इंडिया 39 रन पर गंवाकर संघर्ष कर रही थी उस वक्त यह जोड़ी मैदान पर थी और धैर्य से खेलते हुए टीम को संकट से बाहर निकाला।

529 रन अब तक रोहित ने टेस्ट सीरीज में बनाए। इसके लिए उन्होंने चार पारियां ली। कोई भी अन्य भारतीय बल्लेबाज इतनी कम पारियों में इतने रन नहीं बना पाया है 3 दोहरे शतक अब तक भारतीय बल्लेबाजों ने इस सीरीज में बनाए। इससे पहले किसी टेस्ट सीरीज में भारतीयों ने अधिकतम दो दोहरे शतक लगाए थे। टेस्ट क्रिकेट में ऐसा अब तक सिर्फ चार बार हुआ है

1978 में पिछली बार सुनील गावस्कर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की ओर से ओपनर के तौर एक टेस्ट सीरीज में तीन या उससे ज्यादा शतक लगाए थे। रोहित अब ऐसा करने वाले दूसरे भारतीय ओपनर बन गए हैं। 500 से ज्यादा रन एक टेस्ट सीरीज में बनाने वाले भारत के पांचवें ओपनर बने रोहित। उनसे पहले वीनू मांकड, बुधी कुंदेरन, सुनील गावस्कर, वीरेंद्र सहवाग ने ऐसा किया। गावस्कर ने यह कारनामा पांच बार किया था 

Posted By: Vikash Gaur

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