नई दिल्ली, जेएनएन। India vs West Indies test series: भारतीय क्रिकेट टीम (Indian cricket team) के ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा विश्व क्रिकेट के तूफानी ओपनर बल्लेबाजों में से एक हैं। रोहित शर्मा (Rohit Shamra) क्रिकेट के सिमित ओवरों में दुनिया के गेंदबाजों के लिए बड़ा खौफ हैं और वनडे क्रिकेट में तीन दोहरा शतक अब तक लगाने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं। रोहित शर्मा ने हाल ही में इंग्लैंड में खत्म हुए वर्ल्ड कप 2019 में पांच शतक लगाए थे और कई कीर्तिमान अपने नाम किए थे। रोहित वनडे और टी20 क्रिकेट के उस्ताद हैं, लेकिन जब बात टेस्ट क्रिकेट की आती है तो वो थोड़े मायूस कर जाते हैं। टेस्ट क्रिकेट में रोहित का रिकॉर्ड उनके कद के मुताबिक बिल्कुल भी नहीं है और सच तो ये है कि वो भारतीय टेस्ट क्रिेकेट टीम में अपनी जगह बनाने के लिए आज भी प्रयासरत हैं पर ऐसा हो नहीं पा रहा है। 

विराट को भरोसा हनुमा विहारी पर
वेस्टइंडीज के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए रोहित शर्मा को टीम में शामिल किया गया था। पहले टेस्ट से पहले ऐसा लग रहा था कि उन्हें टीम में जगह दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। क्रिकेट के कई पूर्व दिग्गजों ने भी रोहित को लेकर टिप्पणी की थी कि उन्हें अंतिम ग्यारह में शामिल किया जाना चाहिए, लेकिन टीम मैनेजमेंट और कप्तान विराट ने रोहित पर भरोसा नहीं दिखाया और उनकी जगह ऑलराउंडर हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) को मौका दिया गया। 25 वर्षीय आंध्र प्रदेश के ऑलराउंडर हनुमा विहारी घरेलू स्तर पर लगातार अपने बेहतरीन प्रदर्शन के बूते टीम इंडिया की टेस्ट टीम में जगह बनाने में सफल हुए थे। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना 5वां टेस्ट मैच खेला था।

हनुमा विहारी ने खुद को किया साबित
कैरेबियाई धरती पर अपना पहला टेस्ट मैच खेलते हुए हनुमा विहारी ने पहली पारी में 32 जबकि दूसरी पारी में 93 रन की पारी खेली। ये उनके टेस्ट करियर की सबसे बेस्ट पारी भी साबित हुई और उनका दुर्भाग्य ये रहा कि वो अपना पहला टेस्ट शतक लगाने से सिर्फ 7 रन से चूक गए। हनुमा मध्यक्रम के शानदार बल्लेबाज तो हैं ही साथ ही साथ वो टीम के लिए गेंदबाजी विकल्प भी उपलब्ध कराते हैं। हनुमा राइट आर्म ऑफब्रेक गेंदबाजी भी करते हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ हालांकि पहले टेस्ट मैच में उन्होंने गेंदबाजी तो जरूर की, लेकिन कोई विकेट नहीं ले पाए। हालांकि दूसरी पारी में उनकी बल्लेबाजी ने जरूर प्रभावित किया और इस टेस्ट में टीम इंडिया को 318 रन से एतिहासिक जीत मिली। 

रोहित पर भारी हनुमा विहारी
रोहित शर्मा की जगह इस टेस्ट मैच में हनुमा को मौका मिला और उन्होंने खुद को साबित भी कर दिया। रोहित भी टेस्ट में टीम के लिए मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हैं, लेकिन वो टीम के लिए गेंदबाजी विकल्प नहीं हैं। इसके अलावा रोहित का टेस्ट में पिछला रिकॉर्ड भी उनके खिलाफ ही रहा है। बेशक विश्व कप में उनका बल्ला जमकर बोला था, लेकिन कैरेबियाई धरती पर वनडे और टी20 सीरीज में रोहित फ्लॉप रहे थे। शायद इन सब बातों को देखते हुए कप्तान विराट ने रोहित को लेकर ये बड़ा फैसला किया होगा। दूसरी तरफ रोहित के लिए जो स्थान टीम में बनता था अब हनुमा ने अपने इस प्रदर्शन के बाद कम से कम दूसरे टेस्ट के लिए तो ये स्थान पक्का कर ही लिया है। ऐसे में उनका दूसरे टेस्ट में खेल पाना मुमकिन नहीं लगता। 

टेस्ट टीम में रोहित की जगह पर सस्पेंस
रही बात रोहित को वनडे में ओपनिंग कराने की तो ये शायद मुमकिन तो नहीं लगता, क्योंकि इस वक्त टीम इंडिया के पास ओपनर बल्लेबाज के तौर पर काफी विकल्प है। ऐसे में रोहित के लिए दूसरे टेस्ट तो क्या आने वाले वक्त में टेस्ट टीम में भी जगह बनती नहीं दिख रही है। वैसे रोहित ने  अपने टेस्ट करियर की शुरुआत काफी शानदार तरीके से की थी। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ ही 2013 में कोलकाता में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी और पहले ही मैच में 177 रन की पारी खेली थी। इसके बाद कैरेबियाई टीम के खिलाफ दूसरे टेस्ट में भी उन्होंने नाबाद 111 रन की पारी खेली थी। जिस तरह की शुरुआत रोहित ने टेस्ट क्रिकेट में की की वो उसे बरकरार नहीं रख पाए और सच तो ये है कि वो इस वक्त टीम इंडिया के अच्छे टेस्ट बल्लेबाज तो शायद नहीं ही हैं। रोहित ने अपने क्रिकेट करियर में अब तक सिर्फ 27 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें 39.62 की औसत से सिर्फ 1585 रन बनाए हैं। टेस्ट में उनके नाम पर अब तक सिर्फ 3 शतक ही है। रोहित अब तक तो एक अच्छा टेस्ट बल्लेबाज तो नहीं बन पाए हैं। 

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Posted By: Sanjay Savern

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