नई दिल्ली, अभिषेक त्रिपाठी। स्पिनर्स हमेशा से ही भारतीय क्रिकेट टीम की मजबूती रहे हैं, लेकिन इंग्लैंड की परिस्थितियां और पिच स्पिनरों के ज्यादा मुफीद नहीं रहती हैं। यही कारण है कि एक जून से इंग्लैंड मे शुरू हो रही चैंपियंस ट्रॉफी के लिए गई भारतीय टीम में रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा के तौर पर सिर्फ दो स्पिनर रखे गए हैं।

अश्विन जहां दायें हाथ से ऑफ स्पिन करते हैं वहीं जडेजा बायें हाथ के ऑथरेडॉक्स गेंदबाज हैं। अभी तक का जो हाल नजर आ रहा है उससे हर मैच में इनमें से किसी एक के ही खेलना संभव नजर आ रहा है क्योंकि इंग्लैंड की पिच पर कप्तान विराट कोहली अंतिम-11 में दो स्पिनरों को खिलाने का जोखिम नहीं लेंगे।

मौसम नहीं है पक्ष में : चैंपियंस ट्रॉफी के मैच लंदन, कार्डिफ और बर्मिघम में होने है और इस दौरान वहां का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। बीच में हल्की बारिश की भी संभावना है। इंग्लैंड में एक जून से गर्मियों की शुरुआत होती है, लेकिन इसके बावजूद भारत के मुकाबले वहां का तापमान काफी कम रहता है। ऐसे में भारत की अपेक्षा इंग्लिश पिच पर स्पिनरों को कम मदद मिलती है क्योंकि पिच ज्यादा सूख नहीं पाती और उसमें दरारें नहीं आतीं। ऐसे में भारतीय स्पिनरों को अपना जलवा दिखाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी होगी।

जडेजा-अश्विन का प्रदर्शन रहा है शानदार : भारत ने हालिया घरेलू सत्र में 13 में से जो 10 टेस्ट जीते थे उसमें मुख्य योगदान इन्हीं दो स्पिनरों का था। अश्विन ने एक सत्र में डेल स्टेन के सबसे ज्यादा 78 विकेट लेने के रिकॉर्ड को पछाड़ते हुए 17 मैचों में 99 विकेट हासिल किए थे। वह सबसे जल्दी 250 विकेट हासिल करने वाले गेंदबाज भी बने हैं। इस सत्र में एक मौका ऐसा भी आया जब जडेजा और अश्विन संयुक्त रूप से आइसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन पर विराजमान हुए। दोनों ने बल्ले से भी टीम को अच्छा सहयोग दिया। जडेजा ने भी 2016 के आखिर में हुई भारत-दक्षिण अफ्रीका टेस्ट सीरीज से लेकर अब तक 19.76 के औसत से 97 टेस्ट विकेट झटके हैं।

आइपीएल में मामला गड़बड़ाया : हालांकि इसके बाद अश्विन चोटिल हो गए और बीसीसीआइ ने उन्हें आराम करने की सलाह दी जिसके बाद वह एक भी आइपीएल मैच नहीं खेल पाए। जडेजा भी आइपीएल के शुरुआती दो मैच नहीं खेल पाए थे और उसके बाद भी उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। उन्होंने 12 मैचों में सिर्फ पांच विकेट मिले, जबकि उनका इकॉनमी रेट 9.18 का रहा। इन सबके बावजूद चैंपियंस ट्रॉफी में इन दोनों की उपयोगिता को कम करके नहीं आंका जा सकता क्योंकि जहां अश्विन ने 105 वनडे में 145 विकेट लिए हैं तो वहीं जडेजा ने 129 वनडे खेलते हुए 151 विकेट हासिल किए हैं। अच्छी बात यह है कि ये दोनों निचले क्रम में बल्लेबाजी भी कर लेते हैं। जहां जडेजा वनडे में 10 अर्धशतक के साथ 1888 रन बना चुके हैं तो अश्विन के नाम भी एक अर्धशतक है।

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Posted By: Pradeep Sehgal