बर्मिंघम, जेएनएन। भारत और बांग्लादेश के बीच गुरुवार को यहां आइसीसी चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल के दौरान क्यूरेटर ने मुख्य पिच से दो पिच छोड़कर बनी पिच पर पड़े कृत्रिम मैटिंग कवर को हटाने से इनकार कर दिया था, क्योंकि इस पिच पर कुछ दिन बाद काउंटी मैच खेला जाना है। 

ब्रिटेन के लोगों के लिए काउंटी चैंपियनशिप अब भी सर्वोपरि है भले ही प्रथम श्रेणी मैचों में अब काफी कम दर्शक पहुंचते हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) को भी पता चल गया कि वॉरविकशर के मैदानकर्मियों के लिए काउंटी मैच का मतलब क्या होता है। 

हर बड़े मैदान पर 5-6 पिच होती हैं जिन पर अलग-अलग मैच आयोजित किये जाते हैं। बर्मिंघम में गुरुवार को एक पिच पर भारत और बांग्लादेश की टीमों के बीच सेमीफाइनल हुआ तो दूसरी पिच पर कुछ दिन बाद काउंटी मुकाबला होना है। उस पिच मैच को खिलाड़ियों के जूतों से नुकसान नहीं पहुंचे इसलिए उसमें क्यूरेटर ने मैटिंग बिछाई थी। अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान वह मैदान आइसीसी के हवाले होता है और इस तरह की पिच मैटिंग की अनुमति नहीं दी जाती है, क्योंकि खिलाड़ियों के चोटिल होने की आशंका रहती है।

पता चला है कि यह मसला आइसीसी मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड की जानकारी में भी लाया गया और उन्होंने मैदानकर्मियों से बात की जिन्होंने उनके आदेश के बावजूद मैटिंग हटाने से इनकार कर दिया। वो तो अच्छा हुआ कि इस मैच में कोई चोटिल नहीं हुआ।

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