नई दिल्ली, जेएनएन। भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 9 विकेट से बड़ी मात देकर फाइनल में जगह बना ली। फाइनल में टीम इंडिया का मुकाबला इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को हराकर पहुंची पाकिस्तान से होगा। 

टीम इंडिया का मनोबल भी बांग्लादेश पर बड़ी जीत से ऊंचा होगा। बांग्लादेश ने भारत को जीत के लिए 265 रनों का लक्ष्य दिया था। इस जीत के लिए भारत के केवल तीन बल्लेबाज- शिखर धवन, रोहित शर्मा और विराट कोहली को मैदान पर उतरना पड़ा। इसके बावजूद भारत की इस जीत में उसके पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी का बड़ा हाथ रहा।

आपको बता दें कि एक समय में बांग्लादेश का स्कोर 320 या इससे भी ऊपर जाता दिख रहा था। बांग्लादेश ने पहले खेलते हुए 25 ओवर में 2 विकेट गंवाकर करीब 150 पन बना लिए थे। तमीम इकबाल (70) और मुशफिकुर रहीम (61) की जोड़ी मजबूती से जमी हुई थी। टीम इंडिया के गेंदबाजों को वह आसानी से खेल रहे थे। 

इसके बाद अचानक सभी ने देखा कि विराट कोहली ने केदार जाधव को गेंद दी। यही मैच का टर्निंग पॉइंट भी रहा, क्योंकि जाधव ने इन दोनों बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। मैच के बाद पता चला कि यह चाल कोहली ने नहीं, बल्कि पूर्व कप्तान धौनी ने चली थी। 

कोहली ने कहा, 'जब हमने केदार को बॉल दी थी, तो हम विकेट लेने के बारे में नहीं सोच रहे थे। हमारा मकसद जम चुकी इस जोड़ी को परेशान करने का था, लेकिन जाधव इन दोनों बल्लेबाजों के विकेट लेकर खेल का रुख ही बदल दिया।' कोहली ने आगे कहा, 'इसका पूरा श्रेय मुझे नहीं जाता, क्योंकि इससे पहले मैंने एमएस से पूछा था। तब हमने सोचा था खेल के इस क्षण में यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है। केदार ने सचमुच शानदार गेंदबाजी की। वह नेट्स में बहुत ज्यादा गेंदबाजी नहीं करता, लेकिन वह एक स्मार्ट क्रिकेटर है। अगर आप गेंदबाजी के दौरान एक बल्लेबाज की तरह सोच सकते हैं, तो इससे आपको फायदा मिलता है। यह विकेट हमारे लिए बोनस था। इस पर हम अपने नियमित गेंदबाजों को आराम देना चाहते थे।'

वहीं, केदार जाधव ने कहा कि क्रिकेट के मैदान पर धौनी जो भी करें, वह उनकी सोच को पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं अपनी गेंदबाजी पर ज्यादा काम नहीं करता, लेकिन जब से मैं टीम इंडिया के साथ हूं तो मैं एमएस धौनी से इस सिलसिले में बात करता रहता हूं।' जाधव ने यह भी बताया कि वह जब भी गेंदबाजी करते हैं तो विकेट के पीछे खड़े धौनी उन्हें हाथ से इशारा कर बता देते हैं कि अब क्या करना है। इस तरह से उनकी सलाह मेरे काफी काम आती है।'

तो मानते हैं न आप कि धौनी के टीम में होने से भारत को काफी फायदा होता है, भले ही वह बल्लेबाजी करने मैदान में न उतरें।

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Posted By: Bharat Singh

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