संजीव रंजन, रांची। भारतीय क्रिकेट टीम को दो बार विश्व चैंपियन बनाने वाले पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के बारे में यह कहा जाता है कि वो जो भी करते हैं पूरे दिल से करते हैं। क्रिकेट के मैदान पर चौके छक्के लगाने वाले धौनी इन दिनों खेल में टमाटर, गोभी, पपीता और अमरूद उपजा रहे हैं। धौनी आजकल ऑर्गेनिग फार्मिग में व्यस्त हैं। 43 एकड़ की जमीन में उन्होंने एक तकनीकी टीम के साथ काम शुरू किया है।

मैदान पर प्लानिंग से हारी बाजी को जीत में बदलने वाले धौनी ने खेली भी पूरी प्लानिंग के साथ शुरू की है। वह 43 एकड़ की जमीन में पपीता, फूलगोभी, बंदगोभी, खीरा, स्वीट कॉर्न, तरबूज, धान और यहां तक की अमरूद भी उगा रहे हैं।

एक नजर में माही की खेती :

पपीता : 04 एकड़

फूलगोभी व बंदगोभी : 10 एकड़

खीरा : 02 एकड़

स्वीट कोर्न : 01 एकड़

तरबूज : 14 एकड़

धान : 06 एकड़

आम व अमरुद्ध के पौधे : 2000

डेयरी व मत्स्य पालन भी :

पक्के किसान की निशानी, खेती के साथ डेयरी। माही कैसे पीछे रहें। साहिवाल नस्ल की 70 गायें उनके डेयरी की शोभा बढ़ा रही हैं। जल्द ही इनकी संख्या 150 करने की योजना है। दो तालाब भी बनाए गए हैं जहां मछलियां पाली जा रही हैं। मुर्गी और बत्तख के लिए शेड भी बन गए हैं, उन्हें भी पाला जाएगा।

मैत्री फाउंडेशन के कुणाल गौरव, सचिन झा, शैलेश कुमार, सोहन महतो, रौशन कुमार, नवल कच्छप, डा. विश्वरंजन इस काम में उनका पूरा सहयोग करते हैं। टीम के सदस्यों ने बताया, माही सर के साथ काम करके मजा आता है। उनकी ऊर्जा हमलोगों को भी थकने नहीं देती। उनका मकसद जैविक उत्पाद को आम लोगों तक पहुंचाना है ताकि रासायनिक उत्पादों से होने वाली हानि से लोग बच सकें। अभी उनकी योजना जैविक उत्पाद को रांची व उसके आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचाना है जिसे आगे दूसरे राज्यों तक बढ़ाया जाएगा।

शहर में बनाए सेंटर :

धौनी ने अपने उत्पादकों को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए रांची में काउंटर बनाये हैं। पंडरा, अरगोड़ा, चुटिया, रातू रोड, मोरहाबादी व धुर्वा में ये काउंटर हैं जो लॉकडाउन पूरी तरह खत्म होने के बाद शुरू किए जाएंगे। वहीं दूध को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए बैटरी रिक्शा की व्यवस्था की गई है जो शहर के विभिन्न हिस्सों में दूध पहुंचाएंगे।

सीसीटीवी के जद में है पूरा भूखंड :

माही ने भूखंड की चारों तरफ से ऊंची चारदीवारी करा दी है। सीसीटीवी लगा हुआ है। हमेशा आधा दर्जन गार्ड यहां तैनात रहते हैं ताकि प्राइवेसी में कोई दखल न हो, साथ ही सुरक्षा में कोई सेंध न लगे।

 

Posted By: Viplove Kumar

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