शिवम् अवस्थी, नई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। रविवार को मेहमान भारतीय टीम दांबुला में मेजबान श्रीलंकाई टीम के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला खेलने उतरेगी। ये दांबुला का वही मैदान है जहां पर 9 साल पहले विराट कोहली ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का आगाज किया था। तब से अब तक काफी कुछ बदल चुका है। कैसी थी विराट की वो पहली पारी, उसके बाद ये मैदान उनके लिए कैसा रहा और क्या है विराट और श्रीलंकाई टीम का पुराना कनेक्शन, आइए जानते हैं।

- वो पहला मैच, वो पहली पारी

18 अगस्त 2008, ये वही तारीख थी जब भारत और श्रीलंका की टीमें उस दौरान खेली जा रही वनडे सीरीज का पहला मुकाबला खेलने उतरी थीं। उस मैच में भारत की तरफ से एक युवा बल्लेबाज की एंट्री हुई थी। वो बल्लेबाज और कोई नहीं बल्कि मौजूदा कप्तान विराट कोहली थे। अपनी कप्तानी में भारत को अंडर-19 विश्व कप दिलाने के बाद से ही वो चयनकर्ताओं की नजरों में थे। आखिरकार उन्हें मौका मिल गया। दांबुला में खेले गए उस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था लेकिन कप्तान धौनी का ये फैसला भयानक साबित हुआ। ओपनर गौतम गंभीर के रूप में मैच की दूसरी ही गेंद पर भारत को शून्य पर पहला झटका लग गया। धौनी ने अपना पहला मैच खेल रहे कोहली को इस मैच में ओपनिंग करने उतारा था लेकिन विराट इसका फायदा नहीं उठा सके। विराट 22 गेंदों पर 12 रन बनाकर कुलसेकरा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। देखते-देखते श्रीलंकाई स्पिनर्स मुरलीथरन और अजंता मेंडिस (3-3 विकेट) के कहर के सामने पूरी भारतीय टीम 46 ओवर में 146 रन पर ही सिमट गई। जवाब में श्रीलंकाई टीम ने 34.5 ओवर में 2 विकेट पर ही ये लक्ष्य हासिल कर लिया और 8 विकेट से जीत हासिल की।

- कभी अच्छा साबित नहीं हुआ ये मैदान

विराट ने यहां अपने करियर की शुरुआत की और उसके बाद उन्होंने यहां आठ और वनडे मैच खेले। इस मैदान पर अपने कुल 9 वनडे मैचों में विराट जैसा शानदार बल्लेबाज एक अर्धशतक तक नहीं जड़ सका है। विराट ने यहां पर सिर्फ मेजबान श्रीलंका ही नहीं बल्कि पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के खिलाफ भी वनडे मैच खेले लेकिन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 37 रन से आगे नहीं बढ़ सका। वो इस मैदान पर 9 मैचों में कुल 161 रन ही बना पाए हैं। आखिरी बार विराट इस मैदान पर अगस्त 2010 में उतरे थे। अब सात सालों बाद रविवार को वो फिर से इस मैदान पर उतरने जा रहे हैं लेकिन अब उनके पीछे तमाम रिकॉर्ड्स भी हैं और वो टीम के कप्तान भी हैं। क्रिकेट एक्सपर्ट सुनील शर्मा के मुताबिक, 'विराट का करियर इस बात का गवाह है कि बड़ा खिलाड़ी बड़े मौकों पर अच्छा प्रदर्शन करके सामने आता है। उसे उसकी कुछ छोटी पारियों को देखकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सचिन तेंदुलकर का भी आगाज फ्लॉप साबित हुआ था लेकिन बाद में दुनिया ने देखा कि उन्होंने 24 सालों तक क्या कुछ किया।'

- ये हैं दांबुला में विराट की 9 वनडे पारियों के स्कोर

18 अगस्त 2008 - बनाम श्रीलंका - 12 रन

20 अगस्त 2008 - बनाम श्रीलंका - 37 रन

16 जून 2010 - बनाम बांग्लादेश - 11 रन

19 जून 2010 - बनाम पाकिस्तान - 18 रन

22 जून 2010 - बनाम श्रीलंका - 10 रन

24 जून 2010 - बनाम श्रीलंका - 28 रन

16 अगस्त 2010 - बनाम श्रीलंका - 0 रन

25 अगस्त 2010 - बनाम न्यूजीलैंड - 8 रन

28 अगस्त 2010 - बनाम श्रीलंका - 37 रन

- पुराना है नाता, बाकी मैदानों पर श्रीलंका की जमकर धुनाई

बेशक विराट कोहली श्रीलंका के इस मैदान पर अब तक कभी भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके लेकिन एक हकीकत ये भी है कि वो श्रीलंकाई टीम ही है जिसके खिलाफ विराट ने सबसे ज्यादा मैच खेले और सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। विराट ने अब तक 13 देशों के खिलाफ 189 वनडे मैच खेले हैं जिसमें से सबसे ज्यादा 41 बार वो श्रीलंका के सामने ही रहे हैं। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 41 मैचों की 40 पारियों में 54.59 के औसत से 1856 रन बनाए जो वनडे में किसी भी टीम के खिलाफ उनके सर्वाधिक रन हैं। यही नहीं, अब तक विराट ने सबसे ज्यादा वनडे शतक (6) और सबसे ज्यादा वनडे अर्धशतक (10) भी श्रीलंकाई टीम के खिलाफ ही बनाए हैं। अब तक विराट अपने पूरे वनडे करियर में 28 शतक और 43 अर्धशतक जड़े चुके हैं।

Posted By: Shivam Awasthi

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