नई दिल्ली, [जागरण स्पेशल]। भारत और इंग्लैंड के बीच मौजूदा टेस्ट सीरीज़ का आखिरी मुकाबला ओवल के मैदान खेला जा रहा है। इस टेस्ट मैच का पहला दिन टीम इंडिया के नाम रहा। भारतीय गेंदबाज़ों ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लिश टीम के 7 बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेज दिया और मेहमान टीम के रन बने 198। ये मुकाबला इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलिस्टेयर कुक का आखिरी टेस्ट मैच है और उन्होंने इस मैच के पहले दिन भी रिकॉर्ड बनाने का सिलसिला जारी रखा। चलिए आपको बताते हैं ओवल टेस्ट के पहले दिन बने सभी रिकॉर्ड्स के बारे में-   

कुक ने पूरे किए ओवल में 1000 रन

अपने आखिरी टेस्ट मैच की पहली पारी में एलिस्टेयर कुक ने जैसे ही पहला रन बनाया, वैसे ही उन्होंने एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस एक रन के साथ ही उन्होंने ओवल के मैदान पर अपने एक हज़ार रन पूरे कर लिए। कुक का ये लगातार 159वां टेस्ट मैच है। कुक पहले ही लॉर्ड्स में 1000 रन बना चुके हैं। वह ग्राहम गूच और एलेक स्टीवर्ट के बाद इंग्लैंड के तीसरे खिलाड़ी बने जिन्होंने दो मैदानों पर 1000 रन बनाए हैं।

 

कुक ने ठोका अर्धशतक और बनाया ये रिकॉर्ड

एलिस्टेयर कुक ने अपने आखिरी टेस्ट की पहली पारी में 71 रन बनाए। कुक का ये अर्धशतक इस सीरीज में दोनों टीमों की तरफ से किसी भी ओपनर का पहला अर्धशतक रहा। सीरीज में ओपनर की 31वीं पारी में बना यह रिकॉर्ड और इस मामले में ऑस्ट्रेलिया vs वेस्टइंडीज (1951/52 - 28 पारी) का विश्व रिकॉर्ड टूटा। 

कुक ने तोड़ा पोंटिंग का रिकॉर्ड

एलिस्टेयर कुक (30) भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ी बने। उन्होंने रिकी पोंटिंग के 29 टेस्ट मैच के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।

कोहली ने भी बनाया ये रिकॉर्ड 

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने सीरीज के सभी 5 मैचों में टॉस हारने का रिकॉर्ड बनाया। वो पांच टेस्ट मैचों की सीरीज़ में सभी टॉस हारने वाले तीसरे भारतीय कप्तान बन गए हैं। इससे पहले भारत की तरफ से सिर्फ लाला अमरनाथ (1948/49 vs वेस्टइंडीज) और कपिल देव (1982/83 vs वेस्टइंडीज़) ने सभी मैच में टॉस गंवाया था।

रूट ने की 20 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी 

जो रूट से पहले एक टेस्ट सीरीज़ में सभी मुकाबलों में टॉस जीतने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान मार्क टेलर के नाम था। टेलर ने ये कमाल 1998-99 में खेली गई एशेज सीरीज़ के दौरान किया था, लेकिन इसके बाद से दुनिया का कोई भी कप्तान जो रूट की तरह भाग्यशाली नहीं रहा।

भारतीय गेंदबाज़ों ने किया कमाल

एक टेस्ट सीरीज में भारतीय तेज़ गेंदबाजों द्वारा सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड बराबर हुआ। इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में भारतीय तेज़ गेंदबाज 58 विकेट (इशांत शर्मा 18, मोहम्मद शमी 14, जसप्रीत बुमराह 13, हार्दिक पांड्या 10 और उमेश यादव 3) ले चुके हैं। पिछला रिकॉर्ड 1979/80 में पाकिस्तान के खिलाफ कपिल देव (32 विकेट), करसन घावरी (15 विकेट) और रॉजर बिन्नी (11 विकेट) ने 58 विकेट लिए थे।

 

डेब्यूटांट विहारी ने भी बनाया रिकॉर्ड

हनुमा विहारी भारत के लिए टेस्ट खेलने वाले 292वें खिलाड़ी बने। 18 साल के बाद ये पहला मौका रहा जब आंध्रा प्रदेश की रणजी टीम के किसी खिलाड़ी को भारतीय टीम में टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिला। इससे पहले आंध्रा रणजी टीम के किसी खिलाड़ी ने सन 2000 में आखिरी बार भारत के लिए टेस्ट खेला था। सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एमएसके प्रसाद ने को भारतीय टीम से खेलने का मौका मिला था।

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Posted By: Pradeep Sehgal