नई दिल्ली, जेएनएन। केएल राहुल, ये नाम सुनते ही आपको विराट की तरह दाढ़ी रखने वाले एक खिलाड़ी की याद आती है। लेकिन शायद स्टाइल में ही वह विराट की बराबरी कर सकते हैं क्योंकि रन बनाने के मामले में तो वह विराट से कोसो दूर है।

इस साल आइपीएल और सीमित ओवर्स में अपने तूफानी प्रदर्शन से सभी का दिल जीतने वाले इस खिलाड़ी को टीम इंडिया के सबसे अच्छे बल्लेबाजों में से एक माने जाते हैं। कई दिग्गजों ने इस खिलाड़ी की वकालत करते हुए कहा है कि उन्हें हर फॉर्मेट की प्लेइंग इलेवन में पक्का स्थान मिलना चाहिए।

अब जब टी-20 सीरीज के पहले मैच में उन्होंने शतक लगाया तो फैंस को लगा कि सच में इस खिलाड़ी में दम है। अब दौरा आगे बढ़ता गया और राहुल की अच्छी फॉर्म पीछे छूटती रही। पहले वनडे सीरीज में वह फेल रहे तो सबने उम्मीद जताई की वह टेस्ट सीरीज में इसकी भरपाई कर लेंगे। लेकिन टेस्ट सीरीज में तो उनका हाल और बेहाल है। मैदान बदला, कंडीशन बदली लेकिन राहुल है कि रन बना ही नहीं पा रहे। इनकी वजह से इस सीरीज में शिखर धवन, मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा को अपनी जगह बनानी पड़ी थी।

इस सीरीज में राहुल ने 4 मैच की 8 पारियों में केवल 113 रन बनाए हैं, वह भी 14 की घटिया औसत से। इस पूरी सीरीज में उनका सर्वश्रेष्ट प्रदर्शन रहा मात्र 36 रन। यही नहीं अगर एशिया के बाहर उनकी आखिरी 10 पारियों का स्कोर देंखे तो साफ पता चल जाएगा कि वह कठिन परिस्थिति में कितनी जल्दी हार जाते हैं।

एशिया के बाहर राहुल ने अपनी पिछली 10 पारियों में 00, 16, 04, 13, 08, 10, 23, 36, 19, 00 रन बनाए हैं। ये पहला मौका नहीं है कि राहुल विदेशों में फेल हो रहे हों। एशिया में उनकी औसत करीब 43 की है, वहीं साउथ अफ्रीका में उन्होंने 2 टेस्ट में 7.50 की और इंग्लैंड में अब तक उन्होंने 14.1 की औसत से रन बनाए हैं।

 अब कोहली के खास माने जाने वाले राहुल को समझने की जरुरत है कि केवल काबिलियत के दम पर वह टीम में शामिल नहीं रह सकते बल्कि काबिलियत को उन्हें प्रदर्शन में तब्दील करना होगा। खासकर टेस्ट फॉर्मेट में वह जिस तरह खेल रहे हैं, उससे हर कोई चितिंत है। लाल गेंद के सामने वह जिस तरह लाचार दिख रहे हैं, वह हैरान करने वाला है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उन्होंने खराब नहीं बल्कि घटिया प्रदर्शन किया।

फैंस के मन गुस्सा उनके फ्लॉप शो पर तो ही और इस आग में घी डालने का काम कर रहा है उनके आउट होने का तरीका। स्विंग के सामने उन्होंने ऐसी बल्लेबाजी की जैसे कोई क्लब स्तर का बल्लेबाज हो। अब गेंद अंदर आए या बाहर, उन्हें तो परेशानी होगी ही। हां अगर गेंद सीधी सीधी निकल जाए तो फिर वह खूब रन कूट लेते हैं। चौथे टेस्ट की दोनों पारियों में तो परिस्थिति इतनी खराब भी नहीं थी लेकिन राहुल का बल्ला यहां भी फेल रहा। 

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Posted By: Lakshya Sharma