नई दिल्ली, अभिषेक त्रिपाठी। भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुकी है और 21 नवंबर को वहां तीन मैचों की सीरीज का पहला टी-20 मुकाबला खेलेगी। इसके बाद चार टेस्ट मैचों की सीरीज और उसके बाद तीन वनडे की सीरीज भी खेलेगी। भारत ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सीरीज जीतना चाहती है और इसके लिए उसे आत्मविश्वास टी-20 सीरीज अपने नाम करके हासिल होगा। अभी तक की सबसे कमजोर ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ अगर विराट एंड कंपनी टी-20 सीरीज जीत लेती है तो उसे इसका फायदा टेस्ट सीरीज में होगा। वहीं फिंच एंड कंपनी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में मिली हार से बेजार है और उसका आत्मविश्वास पहले से ही नीचे है। ऑस्ट्रेलियाई टीम को शनिवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकमात्र टी-20 मुकाबले में भी पराजय का सामना करना पड़ा। ऐसे में एक और सीरीज में हार उसका आत्मविश्वास तोड़कर रख देगी।

तेज गेंदबाजों की ऐशगाह हैं ये मैदान 

भले ही इस समय ऑस्ट्रेलिया में गर्मी और स्पिनरों को मदद मिलने की बात की जा रही हो लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी कह रहे हैं। भारत को ऑस्ट्रेलिया में तीन टी-20 ब्रिसबेन के गाबा, मेलबर्न क्रिकेट मैदान और सिडनी क्रिकेट मैदान में खेलने हैं। इन सभी मैदानों में तेज गेंदबाजों का बोलबाला रहा है। इन तीनों मैदानों पर अब तक तेज गेंदबाजों ने 142 तो स्पिनरों ने सिर्फ 52 विकेट हासिल किए हैं।

इन भारतीय खिलाड़ियों पर रहेगा दारोमदार

भारत के पास भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, उमेश यादव और खलील अहमद जैसे तेज गेंदबाज हैं। हालांकि इस बार टीम को हार्दिक पांड्या की कमी खलेगी क्योंकि तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर होने के कारण विराट के लिए टीम संयोजन बनाना आसान हो जाता है।

 

हार्दिक की खलेगी कमी

ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर बेहद मुफीद साबित होते हैं। हालांकि हार्दिक पांड्या चोटिल हैं और इस कारण टीम में उनका चयन नहीं किया गया, लेकिन टीम इंडिया को उनकी कमी जरुर खलेगी।

तेज गेंदबाजों का जलवा 

ऑस्ट्रेलिया में वर्तमान मौसम और पिच का अंदाजा शनिवार को गोल्ड कोस्ट में हुए एकमात्र टी-20 मुकाबले से लगाया जा सकता है। करारा स्टेडियम में हुए ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुए एकमात्र टी-20 मुकाबले से पहले बारिश हुई जिस कारण मैच को 10-10 ओवर का करना पड़ा। इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर मार्क स्टोइनिस के अलावा पांच तेज गेंदबाजों बेन मैकडरमॉट, नाथन कूल्टर नाइल, एंड्रयू टाई, जेसन बहरनड्रॉफ और बिली स्टेनलेक को खिलाया। इस मैच में दक्षिण अफ्रीकी टीम छह विकेट गंवाकर 108 रन ही बना सकी। इन छह विकेट में से पांच ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों ने लिए जबकि एक विकेट स्पिनर ग्लेन मैक्सवेल को मिला। वहीं दक्षिण अफ्रीका ने भी मध्यम गति के तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर फरहान बहरदीन के अलावा चार तेज गेंदबाजों कैगिसो रबादा, लुंगी नगीदी, क्रिस मॉरिस और एंदिल फेलुक्वायो को खिलाया। दक्षिण अफ्रीका ने अंतिम एकादश में सिर्फ एक चाइनामैन स्पिनर तबरेज शम्सी को जगह दी। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से भी सात में से छह विकेट तेज गेंदबाजों ने झटके जबकि एक विकेट ही स्पिनर को मिला। यह बताता है कि वहां किस तरह की पिच, मौसम और परिस्थितियां रहेंगी।

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Posted By: Pradeep Sehgal

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