नई दिल्ली, [रवीन्द्र प्रताप सिंह]। भारत और बांग्लादेश के बीच हुए त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 4 विकेट से हराकर निदाहास ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया। इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय विकेट कीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने तोबड़तोड़ पारी खेली और मैच की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर भारत को खिताबी जीत दिलाई।

भारत को मैच की आखिरी गेंद पर जीत के लिए पांच रन की जरूरत थी जब कार्तिक ने आखिरी गेंद पर छक्का मारकर टीम इंडिया को जीत दिलाई इसके साथ ही दिनेश कार्तिक अब जावेद मियांदाद, महेंद्र सिंह धौनी, शिवनारायण चंद्रपाल और लांस क्लूसनर जैसे खिलाड़ियों की फेहरिश्त में शामिल हो गये।

जब मियांदाद ने भारत के खिलाफ लगाया था ‘जीत का छक्का’

निदाहास ट्राइ सीरीज के फाइनल में आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम इंडिया को खिताब दिलाने वाले दिनेश कार्तिक के छक्के ने पाकिस्तानी बल्लेबाज जावेद मियांदाद की यादें ताजा कर दी हैं। साल 1986 में एशिया कप का फाइनल जो कि शारजाह में खेला जा रहा था इस मैच में परंपरागत प्रतिद्वंदी भारत और पाकिस्तान आमने सामने थे। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 245 रन बनाए। जवाब में 246 रनों का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम ने मैच की आखिरी गेंद पर लक्ष्य हासिल कर लिया इस मैच में भी पाकिस्तान को आखिरी गेंद पर 4 रनों की जरूरत थी। भारत की ओर से चेतन शर्मा गेंदबाजी कर रहे थे उनकी आखिरी गेंद पर जावेद मियांदाद ने 6 लगाकर पाकिस्तान को जीत खिताबी जीत दिला दी।

       

लांस क्लूजर ने लगाया था ‘जीत का छक्का’

26 मार्च 1999- 2000 में दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए वनडे मैच में लांस क्लूजर ने अपनी टीम को यह तोहफा दिया था। क्लूजनर ने इस मैच में आखिरी गेंद पर लगाया था ‘जीत का छक्का’ इस मैच में दक्षिण अफ्रीका को आखिरी ओवर में जीत के लिये 11 रनों की जरूरत थी पहली पांच गेंदों पर क्लूजनर और बाउचर ने 5 सिंगल्स ले लिये अब टीम को जीत के लिये आखिरी गेंद पर 6 रनों की जरूरत थी स्ट्राइक पर थे लांस क्लूजनर डियोन नैश की आखिरी गेंद पर क्लूजनर ने छक्का लगाकर अपनी टीम को जीत दिला दी।

        

शिवनारायण चंद्रपाल भी लगा चुके हैं ‘जीत का छक्का’

साल 2008 में श्रीलंका के खिलाफ कैरेबियाई बल्लेबाज शिवनारायण चंद्रपाल भी ‘जीत का छक्का’ लगा चुके हैं। चंद्रपाल ने 2008 में श्रीलंका के खिलाफ इस यह कारनामा कर दिखाया था। इस मैच में कैरेबियाई टीम को मैच की आखिरी गेंद पर जीत के लिए 6 रन की जरूरत थी। आखिरी ओवर की आखिरी गेंद लेकर श्रीलंका के स्टार गेंदबाज चमिंडा वास सामने थे, ऐसे में चंद्रपाल ने वास की गेंद पर छक्का लगाकर अपनी टीम को शानदार जीत दिलाई।

         

ब्रेंडन टेलर ने भी लगाया था ‘जीत का छक्का’

साल 2006 में हरारे स्पोर्ट्स क्लब में जिम्बाब्वे और बांग्लादेश के बीच खेले गए एकदिवसीय मैच में ब्रेंडन टेलर ने लगाया था ‘जीत का छक्का’। इस मैच के आखिरी ओवर की तीन गेंदों में जिम्बाब्वे को 16 रन की जरूरत थी, बांग्लादेश की ओर से आखिरी ओवर में मुर्तजा गेंदबाजी कर रहे थे। टेलर ने चौथी गेंद पर चौका लगाया। इसके बाद पांचवीं गेंद पर छक्का लगाया अब जिम्बाब्वे को जीत के लिये एक गेंद पर 6 रनों की जरूरत थी तब ब्रेंडन टेलर ने आखिरी गेंद पर ‘जीत का छक्का’ लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाई थी।

           

भारत के खिलाफ इयान मार्गन ने लगाया था ‘जीता का छक्का’

दिसंबर 2012 में इंग्लैंड के इयन मोर्गन ने लगाया था ‘जीता का छक्का’ इस मैच में इंग्लैंड को आखिरी गेंद पर जीत के लिये 3 रनों की जरूरत थी। भारत की ओर से अशोक डिंडा आखिरी ओवर में गेंदबाजी कर रहे थे। आखिरी गेंद पर मोर्गन ने छक्का लगाकर मैच इंग्लैंड के नाम कर लिया था। इस मैच को इंग्लैंड ने 4 विकेट से जीता था।

       

नाथन मैकुलम ने श्रीलंका के खिलाफ लगाया था ‘जीत का छक्का’

साल 2013 में न्यूजीलैंड के नाथन मैकुलम ने श्रीलंका के खिलाफ लगाया था ‘जीत का छक्का’ इस मैच में नाथन मैकुलम ने मात्र 9 गेंदों पर 32 रनों की शानदार पारी खेली थी। आखिरी गेंद पर 1 रनों की जरूरत थी और रंगना हेराथ ने इस आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर अपनी टीम को एक बेहतरीन जीत दिलाई थी।

       

सबसे ज्यादा बार ‘जीत का छक्का’ लगाने वाले बल्लेबाज हैं धौनी

साल 2016 के एशिया कप के फाइनल मैच में धौनी ने बांग्लादेश के खिलाफ यह कारनामा किया था। उन्होंने इस मैच में 6 गेंदों पर 20 रन बनाए थे। उन्होने अल-अमीन हुसैन की गेंद पर छक्का लगाकर भारत को छठी बार एशिया कप जितवाया। टी 20 में धौनी यह कमाल तीन बार कर चुके हैं।

         

ब्रेट ली की बजाई थी बैंड

साल 2007 में 20 अक्टूबर के दिन मुंबई के वानखेड़े मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 मैच में धौनी ने ब्रेट ली की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर मैच जितवाया था। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 167 रन का लक्ष्य दिया था।

बांग्लादेश के खिलाफ लगाया था ‘जीत का छक्का’

ढाका में 28 मार्च 2014 को बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए टी-20 मैच में धौनी ने जियाउर रहमान के तीसरे ओवर की तीसरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम के नाम जीत की थी। धौनी ने इस मैच में 12 गेंदों पर 22 रन बनाए थे।

इसके अलावा धौनी ने वनडे मैचों में साल 2011 विश्वकप का फाइनल सहित कई ऐसे मैच जिताए हैं जिनका अंत उन्होंने छक्का लगाकर ही किया है। धौनी अबतक सबसे ज्यादा बार छक्का लगाकर मैच जिताने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं। पारी की अंतिम गेंद पर ‘गगनचुंबी’ छक्का लगाने में माहिर धौनी ने अबतक कुल 24 बार पारी का अंत छक्का लगाकर किया है लेकिन 22 मैचों में ही टीम इंडिया को जीत हासिल हुई है।

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Posted By: Ravindra Pratap Sing

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