वीवीएस लक्ष्मण का कॉलम। India vs South Africa Test Series: पुणे में साउथ अफ्रीका को करारी शिकस्त देकर टीम इंडिया ने घर में 11 लगातार टेस्ट सीरीज जीतने का रिकॉर्ड बना दिया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरुआती दो टेस्ट मैचों में भारत ने एक टीम के रूप में प्रदर्शन किया है और इससे टीम को खुश होना चाहिए।

कैरेबियाई दौरे पर भारत का शीर्ष क्रम रन बनाने के लिए जूझ रहा था, लेकिन रोहित शर्मा और मयंक अग्रवाल ने शानदार प्रदर्शन करके सलामी जोड़ी के रूप में टेस्ट टीम में जगह पक्की की। एक सलामी बल्लेबाज के रूप में अपने पहले टेस्ट में रोहित ने विशाखापत्तनम में दो शतक जड़े जबकि मयंक ने अपने पहले शतक को दोहरे में बदला और फिर पुणे में एक और शतक लगा दिया।

विराट कोहली ने अपने मानकों के आधार पर एक बड़ा दोहरा शतक जड़कर दमदार प्रदर्शन किया, जिसमें उनके रन बनाने की भूख और उनकी फिटनेस देखने लायक थी। भारत में जब मेजबान टीम टॉस जीतती है और रनों का पहाड़ खड़ा करती है तो अधिक अनुभवी टीमों के लिए भी अपनी पकड़ बनाना मुश्किल हो जाता है। पहली बार हमने दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजी आक्रमण की कमजोरी को उजागर किया। कैगिसो रबादा ने पिच पर पड़ी दरार का अच्छा फायदा उठाया लेकिन उनके आक्रमण में कमी थी। भारत ने अपनी पारियों में बड़े स्कोर खड़े किए।

पिछले 18 महीनों में भारत के शानदार प्रदर्शन का एक कारण उनकी गेंदबाजी भी रहा है। अच्छी टेस्ट पिचों पर गेंदबाजों के लिए बिना किसी मदद के भी भारतीय आक्रमण सनसनीखेज था। रविचंद्रन अश्विन ने दोहराया कि मौजूदा समय में वह देश के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर हैं। उनका गेंद पर नियंत्रण प्रेरणादायी है जबकि रवींद्र जडेजा की विकेट लेने की मानसिकता साफ दिखती है। तेज गेंदबाजी समूह ने बल्लेबाजों को धीमी विकेटों पर आउट किया है और इसका श्रेय उनके कौशल और फिटनेस को जाता है।

व्यक्तिगत तौर पर मैं विकेटकीपर साहा के लिए बहुत खुश हूं जो चोट के कारण लंबे समय बाद वापसी कर रहे हैं। उनकी प्रतिबद्धता किसी से भी पीछे नहीं है और पुणे में उन्होंने जो कैच लपके थे वो शानदार हैं। सीरीज हमने जीत ली है, लेकिन मैं भारतीयों से मेहमान टीम पर कोई रहम की उम्मीद नहीं करता हूं। दुनिया की नंबर एक टीम भारत को अतिरिक्त प्रोत्साहन की आवश्यकता नहीं है। 

Posted By: Vikash Gaur

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