नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय टीम के तेज गेंदबाज उमेश यादव ने उनको वनडे और टी20 टीम के बाहर रखने पर चयनकर्ताओं पर सवाल उठाया है। एक साल से उमेश को लिमिटेड ओवर फॉर्मेट में टीम इंडिया से बाहर रखा जा रहा है। सिर्फ टेस्ट मैचों के लिए उनकी टीम में चयन किया जाता है।

साल 2015 में आईसीसी विश्व कप में वो सबसे ज्यादा (18 विकेट) वनडे विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे। साल 2018 में उमेश यादव को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम में शामिल किया गया था। आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फरवरी 2019 में उन्हें टी20 मैच खेलने का मौका मिला था।

उमेश ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए चयनकर्ताओं के फैसले पर आश्चर्य जताते हुए कहा, "मैं यह समझ ही नहीं पाया। सफेद हो या फिर लाल गेंद गेंदबाजी की कला गेंद को स्विंग कराने में होती है। मैं ऐसा करने में सक्षम हूं और ऐसा करता रहा हूं। हां गेंद की लेंथ जरूर बदलती है और यह बिल्कुल लाजमी ही बात है कि यह क्रिकेट के ज्ञान पर निर्भर करता है। अगर मुझे वनडे सीरीज खेलने का मौका मिलेगा तो मैं एक विकेट लेने वाला गेंदबाजी हूं इसको साबित कर सकता हूं। मुझे ऐसा लगता है कि वनडे में चयनकर्ताओं ने मेरा सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया।"

"एक समय भारत के सबसे तेज गेंदबाज कहे जाने वाले उमेश ने कहा कि टीम से अंदर बाहर होने से काफी फर्क पड़ता है। एक मैच यहां खेलें और फिर दूसरा मैच कहीं और इसके बाद अगले छह महीने बाहर बैठिए। यह काफी मुश्किल हो जाता है। करियर कभी भी स्थाई नहीं लगता, हमेशा ही उतार चढ़ाव लगा रहता है। मैंने साल 2015 विश्व कप में काफी अच्छा किया था लेकिन फिर भी बाहर कर दिया गया।"

 

Posted By: Viplove Kumar

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