बाहर होने से लेकर 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बनने तक, सूर्यकुमार यादव ने सुनाया वर्ल्ड कप हीरो संजू सैमसन का अनसुना किस्सा
भारत के T20 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया कि सैमसन को टीम से बाहर करने का फैसला बताना कितना मुश्किल था।

संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। T20 वर्ल्ड कप 2026 में संजू सैमसन का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा। खराब फॉर्म के चलते टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले इस विकेटकीपर-बल्लेबाज को भारत की प्लेइंग 11 से बाहर कर दिया गया था। बाद में उन्होंने अपनी जगह वापस हासिल की और 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का अवॉर्ड जीता। वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन (5 मैच- 321 रन) बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बने।
फैसला बताना मुश्किल था
हाल ही में एक इंटरव्यू में भारत के T20 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया कि सैमसन को टीम से बाहर करने का फैसला बताना कितना मुश्किल था। सूर्यकुमार ने यह भी बताया कि सैमसन का रिएक्शन उन्हें हैरान कर देने वाला था।
वर्ल्ड कप से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की पांच मैचों की सीरीज में सैमसन का फॉर्म अच्छा नहीं रहा, जिसकी वजह से उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह ईशान किशन को शामिल किया गया।
जो सही लगे, वही करें
पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के साथ एक इंटरव्यू में सूर्यकुमार ने बताया, "हम बस में थे और मैंने उनसे कहा कि हालात को देखते हुए यह मुश्किल होने वाला है। उन्होंने मुझसे बस एक बात कही, टीम को वर्ल्ड कप जिताने के लिए आपको जो सही लगे, वही करें।"
स्काई ने बताया, "उन्होंने कहा कि जब भी मुझे उनकी जरूरत होगी, वे मौजूद रहेंगे और वे ऐसे तैयारी करेंगे जैसे खुद खेलने जा रहे हों। यह सुनकर मुझे बहुत आत्मविश्वास मिला। ऐसे भी लोग होते हैं जिंदगी में।"
पहले किया था वादा
सूर्यकुमार ने बताया कि कैसे उन्होंने अतीत में सैमसन का समर्थन करने का वादा किया था। सूर्या ने कहा, "यह मेरे लिए सबसे मुश्किल फैसला था क्योंकि मुझे पता था कि वह एक अच्छा इंसान है। हम 2024 में श्रीलंका गए थे और वहां उसने ज्यादा रन नहीं बनाए थे। उसने मुझसे पूछा कि उसे क्या करना चाहिए। हम अनंतपुर में दलीप ट्रॉफी खेल रहे थे। मैंने उससे कहा कि मुझे उस पर भरोसा है और कोच ने भी उस पर भरोसा जताया है। मैंने उसे भरोसा दिलाया कि वह अगले सात मैच खेलेगा और अगर वह सात बार जीरो पर भी आउट हो जाता है, तब भी वह आठवां मैच खेलेगा।"
मैच विनिंग पारियां खेलीं
सैमसन सुपर 8 स्टेज के दौरान भारत की प्लेइंग 11 में लौटे और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत के लिए करो या मरो वाले मैच में उन्होंने नाबाद 97 रन बनाए। फिर सेमीफाइनल और फाइनल में भी 89-89 रन की पारियां खेलीं।
