नई दिल्ली, पीटीआइ। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के चेयरमैन शशांक मनोहर ने दो साल के दूसरे कार्यकाल के बाद बुधवार (1 जूलाई) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। शशांक के पद छोड़ने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व सचिव निरंजन शाह ने उनपर गंभीर आरोप लगाए हैं। शाह का मानना है कि आईसीसी चेयरमैन के पद पर रहते हुए उन्होंने बीसीसीआई को नुकसान पहुंचाने का काम किया।

बीसीसीआइ के पूर्व सचिव शाह ने कहा है कि शशांक मनोहर का आइसीसी के चेयरमैन पद से इस्तीफा देना जाहिर सी बात थी। अब उन्हें पलट कर देखना चाहिए कि उन्होंने अपने कार्यकाल में क्या किया। शाह ने कहा कि शशांक को इस बात को लेकर मिलेजुले भाव आ रहे होंगे कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए वह क्या कर सकते थे और उनके कार्यकाल में भारत में क्रिकेट के साथ क्या किया गया।

 

उन्होंने कहा, "अब वह आराम के दौर में होंगे और इस दौरान उन्हें बतौर आइसीसी चेयरमैन अपने कार्यकाल की समीक्षा करनी चाहिए। उन्हें देखना चाहिए कि उनके कार्यकाल के दौरान बीसीसीआइ और भारतीय क्रिकेट का कितना नुकसान हुआ है।"

शाह ने आगे कहा, "बीते कुछ वर्षो में बीसीसीआइ ने काफी कुछ झेला है। आइसीसी ने इस दौरान भारत में क्रिकेट और बीसीसीआइ को हुए नुकसान का फायदा उठाया है। मुझे हालांकि पूरा भरोसा है कि बीसीसीआइ की मौजूदा नेतृत्व ईकाई काफी मजबूत है।"

आईसीसी चेयरमैन के तौर पर शशांक का कार्यकाल

दो बार बीसीसीआइ के अध्यक्ष रह चुके 62 साल के शशांक मनोहर का पहला कार्यकाल 2008 से 2011 और दूसरा कार्यकाल अक्टूबर 2015 से मई 2016 तक रहा था। इसके बाद वह आइसीसी के स्वतंत्र चेयरमैन बने थे।

बीसीसीआई को हो सकता है नुकसान

आईसीसी में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले मनोहर के इस्तीफे से बीसीसीआइ को नुकसान पहुंच सकता है। इस वक्त आईसीसी और बीसीसीआई के बीच टैक्ट में छूट के मामले को लेकर विवाद चल रहा है। भारत में दो आईसीसी टूर्नामेंट (टी-20 विश्व कप 2021 और वनडे विश्व कप 2023) का आयोजन होना है जिसके लिए आईसीसी भारत सरकार से टैक्स में छूट चाहती है। शशांक के पद से हटने के बाद भारत का पक्ष हल्का पड़ सकता है। 

 

Posted By: Viplove Kumar

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