ढाका, प्रेट्र। बांग्लादेश क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शाकिब अल हसन का आइपीएल में लंबे समय तक बने रहने के आग्रह को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने निराशाजनक करार दिया। उसने भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए खिलाडि़यों के केंद्रीय अनुबंध में नया नियम जोड़ने का फैसला किया। शाकिब अल हसन अप्रैल में श्रीलंका के खिलाफ राष्ट्रीय टीम की तरफ से टेस्ट मैच खेलने के बजाय भारत में आइपीएल में खेलना चाहते हैं, लेकिन यह बीसीबी के अध्यक्ष नजमुल हसन को नागवार गुजरा। नए नियमों वाला वार्षिक अनुबंध खिलाड़ियों की बांग्लादेश से खेलने की प्रतिबद्धता सुनिश्चित करेगा। 

बीसीबी के अध्यक्ष नजमुल हसन ने कहा कि हम खिलाड़ियों के साथ (2021 के लिए) नया अनुबंध करेंगे। इसमें इसका स्पष्ट जिक्र होगा कि कौन किस प्रारूप में खेलना चाहता है। उन्हें हमें सूचित करना होगा। अगर वह किसी अन्य टूर्नामेंट में व्यस्त हैं तो उन्हें अपनी उपलब्धता के बारे में स्पष्ट बताना होगा। यह बहुत खुला है। वहीं शाकिब अल हसन की बात करें तो वो आइपीएल में पिछले साल बैन की वजह से नहीं खेल पाए थे, लेकिन इस बार फिर से वो नीलामी में शामिल हुए और उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स ने तीन करोड़ से ज्यादा की रकम देकर खरीद लिया। 

शाकिब अल हसन मौजूदा समय में दुनिया के बेस्ट ऑलराउंडरों में शुमार किए जाते हैं और उनकी मौजूदगी से टीम का संतुलन और शानदार हो जाता है। बैन के बाद शाकिब अल हसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए क्रिकेट सीरीज के माध्यम से इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की थी। वहीं शाकिब अल हसन ने अपने आइपीएल करियर की शुरुआत साल 2011 में की थी। उसके बाद से वो अब तक 8 सीजन में खेल चुके हैं और 6 मैच खेले हैं। इन मैचों में बतौर बल्लेबाज उनका प्रदर्शन बहुत खास नहीं रहा है। उन्होंने 21.31 की औसत से 746 रन बनाए हैं और उनका बेस्ट स्कोर नाबाद 66 रन है तो वहीं उनके नाम पर 59 विकेट है और उनका बेस्ट प्रदर्शन 17 रन देकर तीन विकेट रहा है। 

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