इंदौर, प्रेट्र। भारतीय क्रिकेट टीम (Indian cricket team) के पूर्व ओपनर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) टेस्ट क्रिकेट (Test cricket) को लेकर काफी चिंतित हैं। उनका मानना है कि टेस्ट क्रिकेट को लेकर जो उत्साह पहले बनी रहती थी वो अब खत्म सी हो गई है। 70 और 80 के दशक में सुनील गावस्कर बनाम एंडी रॉबर्ट्स, डेनिस लिली या इमरान खान के बीच गेंद और बल्ले की भिड़ंत देखने का इंतजार रहता था। इसी तरह तेंडुलकर बनाम ग्लेन मैकग्रा या वसीम अकरम के बीच मुकाबला भी आकर्षण का केंद्र रहता था। पर अब ऐसी स्थिति नहीं है। 

सचिन ने अपने डेब्यू के बाद से यानी पिछले 30 वर्षों में क्रिकेट में आए बदलाव के बारे में बात करते हुए कहा कि क्रिकेट प्रेमी जिस तरह की प्रतिद्वंद्विता देखना चाहते थे वो अब नहीं है क्योंकि इस वक्त विश्व स्तरीय तेज गेंदबाजों की बहुत कमी है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इस चीज की कमी है वहीं उन्होंने उम्मीद जताई कि इसमें कोई शक नहीं है कि तेज गेंदबाजों के स्तर को और बेहतर किया जा सकता है। 

टेस्ट क्रिकेट में इस वक्त सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धा भारत, इंग्लैंड व ऑस्ट्रेलिया के बीच ही है। जब उनसे ये पूछा गया तो उन्होंने इस पर अपनी सहमति जताई। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट का स्तर नीचे गिरा है जो क्रिकेट के क्रिकेट का स्तर ऊपर होने की जरूरत है और इसके लिए मैं फिर कहूंगा कि सबसे अहम चीज है खेलने वाली पिचें।

सचिन ने कहा कि मुझे लगता है कि जो पिचें मुहैया कराई जाती हैं, इसका भी इससे लेना देना है। अगर हम अच्छी पिचें उपलब्ध कराएं जहां तेज गेंदबाजों और स्पिनरों को भी मदद मिले तो गेंद और बल्ले में संतुलन बना रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर संतुलन की कमी है तो मुकाबला कमजोर हो जाएगा और यह आकर्षक नहीं रहेगा। टेस्ट क्रिकेट में अच्छे विकेट होने चाहिए।

Posted By: Sanjay Savern

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