'खेल भावना कुछ नहीं, मुझे इस पर गर्व', जोस बटलर को मांकडिंग करने पर रविचंद्रन अश्विन ने 7 साल बाद तोड़ी चुप्पी
जोस बटलर को मांकडिंग करने को लेकर रविचंद्रन अश्विन ने 7 साल बाद चुप्पी तोड़ी है। अश्विन ने इसको लेकर ...और पढ़ें

रविचंद्रन अश्विन
HighLights
रविचंद्रन अश्विन ने बटलर को किया था मांकडिंग
अश्विन ने 2019 में बटलर को किया था आउट
राजस्थान और पंजाब के बीच था मैच
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। रविचंद्रन अश्विन ने साल 2019 में आईपीएल में दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर को मांकड आउट किया था। इसकी चर्चा खूब हुई थी और अश्विन पर खेल भावना के खिलाफ जाने का आरोप लगाया गया था। अब अश्विन ने इस पर 7 सालों बाद चुप्पी तोड़ी है। उनका कहना है कि बटलर को इस तरह आउट करना उनके लिए गर्व की बात है।
ये घटना आईपीएल 2019 में देखने को मिली थी, जब अश्विन पंजाब किंग्स के कप्तान थे। बटलर राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते थे। ऐसे में एक मैच के दौरान अश्विन ने नॉन-स्ट्राइक पर खड़े बटलर को रन आउट कर दिया था। वे अश्विन के गेंद फेंकने से पहले क्रीज से काफी आगे निकल गए थे और ऐसे में अश्विन ने उन्हें आउट कर दिया। इसके बाद उनकी आलोचना हुई थी लेकिन अश्विन ने इसका बचाव किया है।
जोस बटलर को आउट करने पर अश्विन ने तोड़ी चुप्पी
बटलर को मांकड आउट करने पर अश्विन ने जियो स्टार के 'द रविचंद्रन अश्विन एक्सपीरियंस' पर बात करते हुए कहा, "बहुत से लोग कैरेक्टर की बात करते हैं। कहते हैं कि ये गलत है और ये खिलाड़ी गलत है। यह सब कुछ सुनने के बाद मुझे ये करने का और भी मन हुआ था। एक पल ऐसा था, जब मुंबई के खिलाफ मैं कप्तान था। मैंने गेंदबाज से कहा कि नॉन-स्ट्राइकर पर बल्लेबाज को रन आउट कर दे लेकिन गेंदबाज ने मना कर दिया। उसका कहना था लोग कहते हैं कि ये गलत है।"
पूर्व दिग्गज ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, "अगर आईसीसी को लगता कि ये ईमानदारी की समस्या है, तो वे इसे अपने नियमों में नहीं रखते। लोग कहते हैं कि बटलर ने दौड़ने की कोशिश नहीं की लेकिन ये मेरी समस्या नहीं है। ये भी कहा जाता है कि मैंने ये जीतने के लिए किया, हां मैंने ये जीत के लिए ही किया था। इसमें शर्मिंदा होने वाली कौन-सी बात है। उसे रन आउट करने के बाद मैंने टीम को बुलाया और उन्हें बताया कि वे इसकी चिंता न करें। मैं मीडिया को संभाल लूंगा, हमें बस जीतना है।"
क्रिकेट की भवना पर बोले अश्विन
अश्विन ने ने कहा, "दूसरे गेंदबाजों को भी ऐसा करना चाहिए। वे ऐसा क्यों नहीं करते हैं? मुझे लगता है कि वे सोचते हैं कि लोग क्या कहेंगे? यह एक सामाजिक दबाव बन गया है। इसकी शुरुआत उस समय हुई, जब कप्तान अंपायर से बोलकर अपील को वापस लेने लेगे। अगर वे अपील वापस ले लेते हैं, तो ये अच्छा माना जाता है। कई क्रिकेटरों का कहना है कि मैंने गलत किया। मेरा मानना है कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया। मैंने कोई चोरी नहीं की, जो कुछ भी किया वो नियमों के दायरे में रहकर किया।"
