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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दूसरा टेस्ट हारने के बाद राहुल द्रविड़ बोले- रिषभ पंत को कोई भी खिलाड़ी ये बात नहीं कहेगा

By Vikash GaurEdited By:
Published: Fri, 07 Jan 2022 09:43 AM (IST)

भारतीय टीम को जोहानिसबर्ग में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के दूसरे मुकाबले में हार मिली। भारत को सात विकेट ...और पढ़ें

Rishabh Pant खराब फार्म में हैं (फोटो AFP)
Rishabh Pant खराब फार्म में हैं (फोटो AFP)

जोहानिसबर्ग, आइएएनएस। भारत के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने कहा है कि टीम में कोई भी विकेटकीपर बल्लेबाज रिषभ पंत को अपने आक्रामक या सकारात्मक रवैये में बदलाव करने के लिए नहीं कहेगा। उन्होंने स्वीकार किया कि एक समय आएगा जब कोचिंग स्टाफ पंत के साथ समय पर बातचीत करेगा कि क्यों वे विशेष शाट खेल रहे हैं। रिषभ पंत काफी समय से फार्म में नहीं हैं और वे रन बनाने के लिए संघर्ष करते नजर आ रहे हैं।

जोहानिसबर्ग टेस्ट मैच की दूसरी पारी में रिषभ पंत ने एक लापरवाह शाट खेला और वे दूसरी पारी में तीन गेंद पर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। आफ स्टंप के बाहर बीट करने के बाद कगिसो रबादा ने पंत को एक डिलीवरी के मारने के लिए अंदर फेंका और गेंद उनके हेलमेट की ग्रिल से लग गई और उनके हाथ में चोट लगी। अगली ही गेंद पर पंत ने रबादा की एक शार्ट गेंद को मारने का प्रयास किया, लेकिन वे आउट हो गए।

वहीं, मैच के बाद प्रेस कान्फ्रेंस में टीम इंडिया के हेड कोच राहुल द्रविड़ ने कहा, "इस मायने में, हम जानते हैं कि रिषभ एक सकारात्मक खिलाड़ी हैं और वह एक विशेष तरीके से खेलते हैं जिससे उसे थोड़ी सफलता मिली है, लेकिन निश्चित रूप से, कई बार हम उनके साथ इस तरह की बातचीत करने वाले होते हैं। यह शायद उस समय के चयन के बारे में है। कोई भी रिषभ को कभी सकारात्मक या आक्रामक खिलाड़ी नहीं बनने के लिए कहेगा, लेकिन कभी-कभी ऐसा करने के लिए समय चुनना सही होता है।"

द्रविड़ ने स्पष्टीकरण दिया कि केपटाउन में तीसरे टेस्ट से पहले पंत के साथ बातचीत कैसे होगी। उन्होंने कहा, "जब आप अभी आए हैं, तो शायद खुद को थोड़ा और समय देना अधिक उचित होगा। अंत में, हम जानते हैं कि हमें रिषभ के साथ क्या मिल रहा है, वह वास्तव में सकारात्मक खिलाड़ी हैं, वह ऐसे व्यक्ति हैं जो मैच बदल सकते हैं। इसलिए हम स्वाभाविक रूप से उनसे इसे दूर नहीं करेंगे और उसे कुछ अलग बनने के लिए कहेंगे। हालांकि, उनको ये सोचना है कि कब किस तरह का रवैया अपनाने की जरूरत है और कब पारी बिल्ड करने की जरूरत है।"