यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'मुझे हमदर्दी नहीं चाहिए, कोई भी परफेक्ट', Prithvi Shaw ने शतकीय पारी के बाद क्यों कहा ऐसा?
Prithvi Shaw पृथ्वी शॉ ने बुची बाबू ट्रॉफी 2025 में महाराष्ट्र के लिए खेलते हुए छत्तीसगढ़ के खिलाफ शानदार शतक ...और पढ़ें

HighLights
- Prithvi Shaw घरेलू टीम महाराष्ट्र के लिए अब खेलते हैं
- पृथ्वी ने महाराष्ट्र के लिए खेलते हुए शतक जड़ा
- भारतीय टीम से बाहर चल रहे है पृथ्वी
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। Prithvi Shaw: टीम इंडिया से बाहर चल रहे पृथ्वी शॉ ने घरेलू क्रिकेट में एक नई शुरुआत की और महाराष्ट्र की ओर से अपना डेब्यू यादगार बना दिया। बुची बाबू ट्रॉफी 2025 के मुकाबले में छत्तीसगढ़ के खिलाफ खेलते हुए शॉ ने शानदार शतक लगाया और टीम की पारी को अकेले संभाला।
छत्तीसगढ़ ने पहले खेलते हुए 242 रन बनाए, जिसके जवाब में महाराष्ट्र मात्र 217 रन ही बना सका। लेकिन इनमें से 111 रन सिर्फ पृथ्वी शॉ के बल्ले से आए, जिसने यह साबित कर दिया कि वह अभी भी बड़े मंच पर वापसी करने का दम रखते हैं।
पिछले कुछ सालों में शॉ का नाम अनुशासन और फिटनेस से जुड़े विवादों से जुड़ता रहा है। कभी भारतीय क्रिकेट का भविष्य कहे जाने वाले इस बल्लेबाज को लंबे समय से टीम इंडिया से दूर रहना पड़ा, लेकिन इस पारी ने दिखा दिया कि 25 साल का ये बल्लेबाज अभी भी क्रिकेट में अपनी चमक बिखेर सकता हैं।
Prithvi Shaw ने शतकीय पारी के बाद क्या कहा?
दरअसल, मैच में महाराष्ट्र के लिए शतकीय पारी खेलने के बाद शॉ (Prithvi Shaw) ने कहा,
"मैं दोबारा शून्य से शुरुआत करने में कोई हिचक नहीं मानता। ज़िंदगी में मैंने बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं। मैं हमेशा खुद पर और अपनी मेहनत पर भरोसा करता हूं। मुझे उम्मीद है कि यह सीज़न मेरे और मेरी टीम दोनों के लिए अच्छा जाएगा।"
बता दें कि पृथ्वी के लिए क्रिकेट के मैदान पर पिछले कुछ साल काफी खराब रहे। भारतीय टीम से बाहर किए जाने के बाद उनका बल्ला खामोश नजर आया। कई वजह से उन्हें आलोचकों ने अपने निशाने पर बनाया। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में उन्हें कई पूर्व क्रिकेटर्स का सपोर्ट मिला।
अब बुची बाबू टूर्नामेंट के जरिए अपनी दमदार वापसी करने पर जब उनसे पूछा गया कि इस पारी के पीछे क्या बदलाव रहा, तो शॉ ने साफ कहा कि उन्होंने किसी बड़ी चीज में बदलाव नहीं किया, बस छोटे-छोटे सुधार किए। उन्होंने बताया कि मैंने वही करना शुरू किया जो अंडर-19 दिनों में करता था। नेट्स में प्रैक्टिस, जिम और रनिंग। ये छोटी-छोटी बातें हैं, लेकिन फर्क डालती हैं।
साथ ही उन्होंने कहा,
"सोशल मीडिया आजकल काफी खराब है। मैं उससे दूर रहकर खुद को ज्यादा शांत महसूस करता हूं।"
"मुझे सहानुभूति नहीं चाहिए"
सबसे बड़ा बयान तब आया जब शॉ से पूछा गया कि क्या उन्हें उनके शतक पर किसी पूर्व खिलाड़ी या साथी से बधाई मिली? इस पर शॉ ने कहा,
"नहीं, मुझे किसी की हमदर्दी नहीं चाहिए। मेरे परिवार और दोस्त मेरे साथ हैं। जब मैं मानसिक रूप से ठीक नहीं था तब भी वे मेरे साथ खड़े थे।"
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