मुंबई, प्रेट्र। पहली बार ऑस्ट्रेलियाई धरती पर टेस्ट सीरीज खेलने वाले रिषभ पंत ने एक टेस्ट मैच में 11 कैच पकड़े और भारतीय विकेटकीपर के तौर पर ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी बने थे, लेकिन पूर्व भारतीय विकेटकीपर फारूख इंजीनियर ने उनके बारे में कहा कि दिल्ली के इस युवा खिलाड़ी के साथ कुछ तकनीकी कमी है। वहीं फारूख ने रिषभ की बल्लेबाजी की जमकर तारीफ की। 

रिषभ पंत के बारे में फारूख इंजीनियर ने कहा कि खेल को लेकर उनका एप्रोच महेंद्र सिंह धौनी के जैसा ही है, लेकिन इस वक्त उनकी प्रशंसा करके उन्हें आसमान में बिठाने की जरूरत नहीं है उन्हें प्रोत्साहित करें। पंत ने भारतीय विकेटकीपर के तौर पर ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट मैच में शतक लगाया और सिडनी में खेला गया ये मुकाबला ड्रॉ रहा था। वहीं एडिलेड टेस्ट मैच यानी पहले टेस्ट में उन्होंने कंगारू टीम के खिलाफ विकेट के पीछे कुल 11 कैच पकड़े थे जो अपने आप में एक रिकॉर्ड था। फारूख इंजीनियर का ये मानना है कि रिषभ में कमाल की बल्लेबाजी की क्षमता है और ऐसे में टीम के सेलेक्टर्स अगर उन्हें विश्व कप टीम से बाहर रखते हैं तो ये बहुत ही आश्चर्य की बात होगी। उन्होंने एक सवाल उठाते हुए कहा कि क्या विश्व कप में आप धौनी को टीम में शामिल करेंगे और आप रिषभ को ड्रॉप कैसे कर सकते हैं जबकि उन्होंने काफी अच्छा खेला है। उन्हें आप समय दीजिए और वो खुद में और सुधार करेंगे। मैं आशा करता हूं कि वो मेरे साथ कुछ वक्त बिता सकें जिससे कि मैं उन्हें एक अच्छा विकेटकीपर बनने में मदद कर सकूं। 

फारूख इंजीनियर ने रिषभ की कमी बताते हुए कहा कि वो गेंद को पकड़ने में जल्दबाजी दिखाते हैं और अपने पैर को ज्यादा मूव नहीं करते हैं। एक अच्छा विकेटकीपर वही है जो अपने पैर को मूव कराता है गेंद के पास जाता है और हर वक्त डाइव नहीं करता है। अभी रिषभ युवा हैं और अपनी गलतियों से सीखेंगे। विकेटकीपिंग करना ज्यादा मुश्किल नहीं है। वहीं उनकी बल्लेबाजी के बारे में उन्होंने कहा कि मैं उनके एप्रोच को काफी पसंद करता हूं लेकिन पहले टेस्ट में जब भारतीय टीम मुश्किल में थी और वो जिस तरह से आउट हुए वो सही नहीं था। वो एक बेकार शॉट खेलकर आउट हुए। अगर वो हमारे वक्त में ऐसा करते तो वो शायद ही दूसरा टेस्ट मैच खेल पाते। हालांकि बाद में उन्होंने अपनी गलती को सुधारा। सच में वो नैचुरल प्लेयर हैं और मैं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं। मुझे उम्मीद है कि उनकी विकेटकीपिंग में सुधार जरूर आएगा। 

फारूख इंजीनियर ने कहा कि धौनी में भी कुछ कमियां थीं और वो सीधे आगे गिर रही गेंदों को छोड़ देते थे। सचिन तेंदुलकर ने इंग्लैंड में उन्हें मेरे पास लेकर आए थे जब मैं वहां कमेंट्री कर रहा था। मैंने धौनी से पूछा कि परेशानी क्या है तो उन्होंने बताया कि जब मैं गेंद को देखता हूं तो मेरी आंखें बंद हो जाती है। फिर मैंने उनसे कहा कि आपके गेंद पर तब तक नजर रखनी है जब तक कि वो आपके ग्लब्ज में नहीं आ जाती। इसके अलावा उन्होंने टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया पर मिली 2-1 से जीत की भी तारीफ की। भारत पहली एशियाई टीम बन गई जिसने ऑस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर टेस्ट सीरीज में हराया। 

Posted By: Sanjay Savern

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