नई दिल्ली, जेएनएन। साल 2011 में भारत के विश्व चैंपियन बनाने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टीम टेस्ट सीरीज खेलते हुए हार मिली थी। लगातार आठ टेस्ट हारने के बाद भारत के पास इंग्लैंड को अपने घर पर हराने का मौका था लेकिन साल 2012 की इस सीरीज में भरत को हार मिली। पूर्व पाकिस्तानी स्पिनर मुश्ताक अहमद का मानना है धौनी और विराट कोहली जैसे खिलाड़ी की वजह से टीम हारी थी।

भारत का दौरा करने पहुंची इंग्लैंड को अहमदाबाद टेस्ट में हार मिली थी लेकिन इसके बाद उन्होंने मुंबई और कोलकाता टेस्ट में लगातार टेस्ट मैच जीतकर सीरीज में बढ़त बनाई। नागपुर का आखिरी टेस्ट ड्रॉ कर इंग्लैंड ने भारत को भारत में हराकर 27 साल में पहली बार 2-1 से टेस्ट सीरीज जीता और इतिहास रचा था। पूर्व पाकिस्तानी स्पिनर मुश्ताक अहमद ने बताया कि सीरीज में सिर्फ एक सचिन तेंदुलकर थे जिन्होंने स्पिनर के खिलाफ स्वीप शॉट का प्रयोग किया था। ना तो महेंद्र सिंह धौनी और ना ही विराट कोहली ने ऐसा कुछ किया था।

"हमने साल 2012 में जीत हासिल की थी क्योंकि हमें पता था फील्ड कैसे सेट करना है और कितनी तेजी से गेंद डालना है। ना तो विराट स्वीप कर रहे थे और ना ही धौनी, सिर्फ एक सचिन थे। भारतीय बल्लेबाजों का पूरा ध्यान इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों पर था लेकिन स्पिनरों ने उनको चौकाया था।"

इस दौरे पर ग्रीम स्वान और मोंटी पानेसर ने भारतीय दिग्गज सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली को जमकर परेशान किया था। 4 मैचों में स्वान ने कुल 19 विकेट हासिल किए थे जबकि पानेसर ने 3 टेस्ट में 17 विकेट चटकाए थे। मुंबई टेस्ट में उन्होंने कुल 11 विकेट झटके थे दोनों ही पारी में उन्होंने 5 विकेट हासिल करने में कामयाबी पाई थी।

मुश्ताक ने बताया कि भारतीय स्पिनर आर अश्विन और प्रज्ञान ओझा की तुलना में स्वान और पानेकर हवा में तेज गति से गेंद किया था। उन्होंने कहा, "स्वान और पानेकर भारतीय स्पिनरों की तुलना में ज्यादा तेजी से हवा में गेंद को फेंका था। उनकी सफलता की असली वजह यही रही थी।'  

Posted By: Viplove Kumar

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस