कुलदीप यादव एक ऐसी प्रतिभा हैं जिन्हें अपने मौके का इंतजार रहता है और मौका मिलते ही वह दुनिया पर छा जाते हैं। चाहे पहला टेस्ट मैच हो, पहला वनडे या फिर पिछले साल इंग्लैंड में हुआ विश्व कप। जब भी, जहां भी मौका मिला इस चाइनमैन गेंदबाज ने खुद को साबित किया। करीब 15 साल पहले कानपुर के छोटे से मैदान से क्रिकेट का ककहरा सीखने वाले वाले कुलदीप आज वनडे और टी-20 टीम के स्थायी सदस्य बन चुके हैं। न्यूजीलैंड में वनडे और टेस्ट सीरीज में बुरी तरह हार के बावजूद कुलदीप को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 12 मार्च से शुरू हो रही वनडे सीरीज में जीत का पूरा भरोसा है। विकास मिश्र ने दक्षिण अफ्रीका से सीरीज और भविष्य की तैयारियों को लेकर कुलदीप से विशेष बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश-

- भारतीय परिस्थितियों में दक्षिण अफ्रीका ने हमेशा ही अच्छी क्रिकेट खेली है। ऐसे में आगामी वनडे सीरीज को आप किस नजरिये से देखते हैं?

-निश्चित रूप से हमारे लिए दक्षिण अफ्रीका को हराना हमेशा ही चुनौतीपूर्ण रहा है लेकिन, वर्तमान टीम में एबी डिविलियर्स और हाशिम अमला के नहीं होने से उनकी बल्लेबाजी काफी कमजोर हुई है। हम इसका पूरा फायदा उठाएंगे। क्विंटन डिकॉक को छोड़ दें तो उनके पास कोई ऐसा बल्लेबाज नहीं है जो हमारे स्पिन आक्रमण को झेल सके। खासकर मैं और चहल इस सीरीज में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। मेरे और चहल के बीच अच्छी बांडिंग है। हम दोनों ने 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उसके घर में अच्छी गेंदबाजी की थी। वनडे में बीच के ओवरों में विकेट निकालना काफी महत्वपूर्ण होता है और ये काम मैं और चहल बखूबी करते हैं। मुझे लगता है कि हम वनडे सीरीज 3-0 से जीतेंगे।

- क्या दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों के लिए भारतीय पिचों पर खेलना आसान होगा?

- निश्चित रूप से यहां की पिचों पर दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों के लिए खेलना आसान नहीं होगा। खासकर तब, जब उनकी टीम में डिविलियर्स और अमला नहीं हैं। इन दोनों खिलाडि़यों का भारत में अच्छा रिकॉर्ड रहा है। धर्मशाला में स्पिनरों को टर्न मिलेगा और गेंद तेजी से बल्ले पर आएगी। इसके बाद दूसरा मैच लखनऊ में है जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों के लिए मुफीद मानी जाती है। मैं लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 मैच खेल चुका हूं। सच कहूं तो यह सीरीज और आइपीएल मेरे करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। क्योंकि इसके बाद टी-20 विश्व कप भी होना है।

- क्या आपको लगता है कि आपकी और चहल की जोड़ी भारतीय क्रिकेट की सर्वश्रेष्ठ जोड़ी है?

- मुझे नहीं लगता कि इसमें सच्चाई है। हां, जब भी मौका मिलता है हम लोग अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करते हैं। मेरी नजर में कुंबले और हरभजन के बाद अश्विन व जडेजा की जोड़ी सर्वश्रेष्ठ है। इन खिलाडि़यों ने भारत को काफी मैच जिताये हैं। खासकर, कुंबले, भज्जी और अश्विन की तुलना किसी भी भारतीय स्पिनर से करना उचित नहीं होगा। हमें और चहल को उनसे बहुत कुछ सीखना है। हम तो अभी सिर्फ अच्छा प्रदर्शन करने पर फोकस कर रहे हैं। अश्विन भाई और जड्डू से हम लोगों को काफी मदद भी मिलती रहती है। मैं अक्सर अश्विन भाई से सलाह भी लेता हूं।

- लखनऊ में आप दूसरा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगे। क्या घरेलू मैदान की वजह से आप पर इसका कोई दबाव रहेगा?

-सच कहूं तो कोई भी अपने घरेलू मैदान में खेलने के लिए उत्साहित रहता है। मैं भी उनमें से एक हूं। मैंने भारत के लिए काफी मैच खेला है इसलिए अब इन सब बातों का कोई विशेष फर्क नहीं पड़ता है। हमारा ध्यान सिर्फ अपनी गेंदबाजी पर होता है। घरेलू दर्शकों के सामने मेरे दिमाग में सिर्फ एक ही बात चलती है कि मैं भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकूं। मुझे लगता है कि दर्शक कहीं से भी हों वे किसी भी भारतीय खिलाड़ी को असफल होते नहीं देखना चाहेंगे।

-क्या अब कलाई के स्पिनरों को समझना बल्लेबाजों के लिए आसान हो गया है?

- देखिये, अगर ऐसा होता तो शेन वॉर्न और अनिल कुंबले जैसे कलाई के स्पिनरों का करियर इतना लंबा नहीं रहता। अगर आप अच्छी लाइन-लेंथ और बदलाव के साथ गेंदबाजी करते हैं तो बल्लेबाज चाहे जितना रिसर्च कर ले उसे आपको खेलना आसान नहीं होगा। मैंने दुनिया की बेहतरीन टीमों के खिलाफ अच्छी गेंदबाजी की है चाहे वो ऑस्ट्रेलियाई हो यहा फिर न्यूजीलैंड या दक्षिण अफ्रीका। अगर आप छोटी गेंद फेकेंगे तो रन बनेंगे लेकिन आप अच्छी ग्रिप के साथ अपनी लाइन-लेंथ पर ध्यान देंगे तो चाहे कोई भी बल्लेबाज कितने भी वीडियो क्यों न देख ले उसके लिए आपकी गेंदों को खुलकर ख्रेलना आसान नहीं होगा।

-क्या भारतीय टीम में वापसी के लिए आइपीएल बड़ा प्लेटफॉर्म है?

-आइपीएल एक ऐसा स्टेज है जो हर साल बदलता है। आपको बदलाव के लिए हर समय तैयार रहना होगा। मैंने इस बार इस लीग के लिए खास योजना बनाई है। मैंने केकेआर के लिए अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है और भविष्य में भी अपना सर्वश्रेष्ठ करने का प्रयास करूंगा। यह बात बिल्कुल सही है कि आइपीएल किसी भी देश के खिलाड़ी के लिए टीम में वापसी का बड़ा प्लेटफॉर्म है।

-दक्षिण अफ्रीका के आक्रामक बल्लेबाज एबी डिविलियर्स अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं। क्या इससे उनकी टीम को फायदा मिलेगा?

- एक बात तो मानना ही पड़ेगा कि एबी डिविलियर्स और हाशिम अमला के संन्यास के बाद से दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी काफी कमजोर हो गई है। अगर एबी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं तो यह उनकी टीम के लिए अच्छा संकेत है। उनके पास डिकॉक के अलावा कोई खास बल्लेबाज नहीं है जिसके दम पर अफ्रीका टीम आगामी टी-20 विश्व कप को जीतने का दम भर सके। यह बात दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट बोर्ड अच्छी तरह जानता है। मुझे लगता है कि अभी एबी भाई में काफी क्रिकेट बाकी है वे अपनी बल्लेबाजी से टीम को बहुत कुछ दे सकते हैं। उनकी वापसी विश्व क्रिकेट के लिए भी सुखद है।

Posted By: Sanjay Savern

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