नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर किरण मोरे ने पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का नेट्स में बेहद खराब बल्लेबाज बताया। घरेलू क्रिकेट और भारतीय टीम में साथ खेलने वाले मोरे ने कहा जब गावस्कर नेट्स में बल्लेबाजी करते थे तो डर लगता था कि अगले दिन वह टेस्ट मैच में रन कैसे बना पाएंगे।

मोरे ने कहा, "मैंने जितने भी खिलाड़ियों को नेट्स में देखा वह उन सबमें सबसे ज्यादा खराब थे। नेट्स में वह कभी भी प्रैक्टिस जैसा कुछ करते ही नहीं थे। जब आप उनको नेट्स में प्रैक्टिस करते हुए देखते और उनके दूसरे दिन टेस्ट मैच खेलना होता था।"

आगे उन्होंने कहा, "वहीं जब अगले दिन के टेस्ट मैच में उनका खेल देखते तो वह 99.9 प्रतिशत अलग होता था। जब आप उनको नेस्ट में प्रैक्टिस करते हुए देखते तो सोच में पड़ जाते कि यह खिलाड़ी कल कैसे रन बनाएगा लेकिन जब दूसरे दिन उनकी बल्लेबाजी देखते कहते वाह क्या बात है।"

कमाल की थी गावस्कर की एकाग्रता

"जो भगवान ने सबसे बेहतरीन तोहफा सुनील गावस्कर को दिया था वो उनकी एकाग्रता थी। उनके अंदर जिस तरह की एकाग्रता थी उसपर यकीन करना मुश्किल था। एक बाद जब वह अपने जोन में चले जाते थे तो फिर उनके आस पास भी कोई नहीं आ सकता था, वह कभी भी आपकी नहीं सुनते थे। आप उनके पास खड़े होकर बात करते या फिर सामने नाचते ही क्यों ना वह अपने ही जोन में रहते थे और उनका ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर रहता था।"

"सुनील बहुत ही ज्यादा अनुसाशन में रहते थे। मुझे याद है जब मैं भारतीय टीम में आया था तो हमने वेस्ट जोन के लिए एक साथ काफी घरेलू क्रिकेट खेला था। मुझे याद है वानखेडे का एक टेस्ट मैच और सुनील 40 या 30 रन बनाकर आउट हो गए थे। जब वह वापस लौट रहे थे तो ड्रेसिंग रूम में कोई नहीं था। हर कोई मैदान के किसी ना किसी कोने में भागता दिख रहा था और उनसे बचने की कोशिश कर रहा था।"  

Posted By: Viplove Kumar

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