वेलिंग्टन, प्रेट्र। भारतीय टेस्ट टीम के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज इशांत शर्मा पिछले दो दिनों में मुश्किल से सिर्फ चार घंटे ही सो पाए, लेकिन उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में कमाल की गेंदबाजी की। इशांत को आराम तो नहीं ही मिल पाया साथ ही साथ उन्होंने जेट लैग से निपटने के लिए भी कड़ी मेहनत की। यही नहीं तीन सप्ताह पहले ही वो रणजी के एक मैच के दौरान चोटिल हो गए थे और उन्होंने हाल ही में चोट से वापसी की और सीधे न्यूजीलैंड आ गए। यहां आते ही उन्होंने पहले टेस्ट मैच में शिरकत की और मैच की पहली पारी में कमाल की गेंदबाजी कर डाली। इशांत शर्मा फिट होने के बाद 24 घंटे की यात्रा करके पहला टेस्ट मैच शुरू होने से सिर्फ 72 घंटे पहले ही न्यूजीलैंड पहुंचे थे। 

इशांत शर्मा ने कहा कि मैं खुश नहीं हूं क्योंकि पिछले दो दिनों से मैं सो नहीं पाया हूं और मैच के दूसरे दिन मैं अपने शरीर के साथ काफी स्ट्रगल कर रहा था। जिस तरह से मैं गेंदबाजी करना पसंद करूंगा ऐसा नहीं हुआ। मुझे पहले टेस्ट में खेलने के लिए कहा गया और मैंने खेला। टीम के लिए मैं कुछ भी करने को तैयार हूं। मैदान पर कम सोने की वजह से इशांत बेचैन दिखे और वो ऐसे ट्रैक पर संघर्ष करते नजर आए जो अब धीरे-धीरे स्लो होता जा रहा है साथ ही साथ काकाबुरा गेंद के साथ गेंदबाजी करना आसान नहीं था जिसका सीम 40 ओवर के बाद नरम होने लगता है। 

इशांत ने कहा कि मैं अपनी गेंदबाजी और अपने शरीर से खुश नहीं हूं क्योंकि पिछली रात मैं सिर्फ 40 मिनट ही सो सका इसके अलावा पहले टेस्ट मैच के ठीक पहले मैं सिर्फ तीन घंटे ही सो सका था। जेट लैग की समस्या से निपटने के बारे में उन्होंने कहा कि इसके लिए अच्छी नींद से बेहतर कुछ भी नहीं है। अगर आप अच्छी नींद लेते हैं तो मैदान पर आपका शरीर ज्यादा बेहतर कर पाता है। उन्होंने बताया कि वो ये उम्मीद कर रहे थे कि वो टेस्ट मैच में नहीं खेले पाएंगे क्योंकि उन्हें गंभीर चोट लगी थी। उन्होंने इसके लिए एनसीए के सपोर्ट स्टाफ को धन्यवाद कहा जिन्होंने उनके साथ कड़ी मेहनत की और उन्हें खेलने के लिए तैयार किया। उन्होंने कहा कि मैंने सच में नहीं सोचा था कि मैं टेस्ट खेल पाउंगा क्योंकि एमआरआई के मुताबिक मुझे एक नहीं दो लिगामेंट टीयर की परेशानी थी। कई लोगों ने कहा कि मैं कम से कम छह सप्ताह तक नहीं खेल पाउंगा। 

इशांत शर्मा ने कहा कि मेरे पास कोई लक्ष्य नहीं था कि मुझे एक टेस्ट खेलना है। मैंने सोचा कि ठीक है, अगर खेलना संभव है, तो मैं खेलूंगा लेकिन अगर ऐसा नहीं है, तो शायद ही ऐसा कुछ हो जो मैं कर सकता था, क्योंकि जिस तरह से मैं चोटिल हो गया। मुझे नहीं लगता कि यह किसी के साथ हुआ था। लेकिन अगर आपको चोट लगने की आशंका है, तो आप शौचालय में भी फिसल सकते हैं। इशांत की इस बात पर सब मुस्कुरा उठे। 

आपको बता दें कि इशांत शर्मा ने पहले टेस्ट मैच में अब तक 15 ओवर में 31 रन देकर तीन विकेट झटके हैं। उन्होंने इसमें छह ओवर मेडन भी फेंके। उनका इकोनॉमी रेट 2.07 का रहा। वेलिंग्टन की पिच के बारे में उन्होंने कहा कि विकेट अब स्लो हो गया है। पहले इस विकेट पर टेनिस बॉल की तरह उछाल थी, लेकिन जब हम गेंदबाजी करने आए तब सीम मोमेंट खत्म हो गई। वहीं वेलिंग्टन की कंडीशन में खुद को ढ़ालना भी बड़ा फैक्टर है क्योंकि यहां पर हवा चलती रहती है। उन्होंने उम्मीद जताई की हमारी टीम वापसी करेगी। 

Posted By: Sanjay Savern

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