नई दिल्ली, प्रेट्र। आइपीएल में खराब दौर से गुजर रही मुंबई इंडियंस के पूर्व बल्लेबाज क्रिस लिन ने कहा कि मौजूदा सत्र में यह 11 खिलाड़ियों की टीम की जगह मैदान पर 11 अलग-अलग लोग दिख रहे हैं।

मुंबई की टीम का 2020 और 2021 में हिस्सा रहे लिन ने कहा, 'जीतना और हारना आदत है। मुंबई की बल्लेबाजी, गेंदबाजी, क्षेत्ररक्षण और मानसिक तौर पर समस्या है। ऐसा लगता है टीम गुटों में बंटी हुई है।' 32 साल के आस्ट्रेलिया के इस पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि टीम के सीनियर खिलाड़ी दबाव की स्थिति में कप्तान का साथ नहीं दे रहे हैं। जब वह इस टीम का हिस्सा थे तो ऐसा नहीं होता था।

मुंबई के लिए एक मैच खेलने वाले लिन ने कहा, 'जब आप तालिका में बिलकुल नीचे होते हो तो कप्तान की ही तरह कीरोन पोलार्ड भी आमतौर पर डीप मिड आन या मिड आफ से मदद करने, आपको शांत करने आते हैं। हमने मुंबई के साथ यह अभी तक नहीं देखा क्योंकि वे अब छोटे गुटों में बंटना शुरू हो गए हैं और यह एक अच्छा संकेत नहीं है। मुझे लगता है कि ड्रेसिंग रूम में भी माहौल अच्छा नहीं होगा।'

लिन ने आस्ट्रेलिया के लिए चार वनडे और 18 टी-20 मैच खेले हैं। वह 2020 में उस टीम का भी हिस्सा थे जिसने पांचवीं बार इस लीग का खिताब जीता था। उन्होंने कहा, 'जब वे दो साल पहले टूर्नामेंट जीते थे, तब की तुलना में अब चीजें बिलकुल उलटी हैं। तब वे हमेशा बात करते रहते थे कि हम कैसे बेहतर हो सकते हैं। यह सभी छोटी बातचीत कोचिंग सदस्यों के बिना होती थी, क्योंकि वे सभी जीतना चाहते थे। तो हम इस बार ऐसा कुछ नहीं देख रहे हैं, हम बिलकुल इसका उलटा देख रहे हैं। ऐसा लगता है कि यह 11 खिलाडि़यों की एक टीम नहीं, बल्कि 11 व्यक्तिगत खिलाड़ी मैदान पर उतर रहे हैं। उम्मीद है कि वे जल्द इसको ठीक करेंगे क्योंकि जब मुंबई की टीम अच्छा क्रिकेट खेलती है तो यह आइपीएल के लिए भी अच्छा होता है, यह विश्व क्रिकेट के लिए अच्छा होता है और जब भी वह अच्छा करते हैं तो बहुत ही प्रभावित करने वाली टीम दिखती है।'

Edited By: Sanjay Savern

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