इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) की नई टीम लखनऊ सुपरजाइंट्स के लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने इस साल अपनी टीम के लिए अब तक पांचों मैच खेले हैं। मूलत: राजस्थान के जोधपुर के रहने वाले बिश्नोई इससे पहले आइपीएल में पंजाब की टीम के साथ खेलते थे। पंजाब ने उन्हें रिलीज किया था तो लखनऊ ने इस लेगब्रेक गुगली गेंदबाज को अपने साथ चार करोड़ रुपये में मेगा नीलामी से पहले ही जोड़ लिया था। बिश्नोई ने कहा कि वैसे तो वह गेंदबाजी करते समय किसी बल्लेबाज के खिलाफ नहीं डरते हैं लेकिन मुंबई इंडियंस के सूर्यकुमार यादव और पूर्व आस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ के खिलाफ गेंदबाजी करना कठिन होता है। रवि ने इस साल टीम इंडिया में भी जगह बनाई थी और चार टी-20 मुकाबले खेले। लखनऊ टीम के माहौल और टीम इंडिया में शामिल होने को लेकर अभिषेक त्रिपाठी ने रवि बिश्नोई से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश :

-नई टीम होने के बावजूद लखनऊ सुपरजाइंट्स जिस तरह का प्रदर्शन कर रही है उससे आपको खुशी तो हो रही होगी?

-टीम बहुत अच्छा खेल रही है। जैसा कि आप देख ही रहे हैं कि हमने पांच मैच खेले हैं, जिसमें से तीन जीते हैं और दो हारे हैं। जो मुकाबले हम हारे हैं वो भी अंतिम ओवर तक गए हैं। हमने हारने वाले मैच में भी विरोधी टीम को अंत तक कड़ी चुनौती दी है। टीम में माहौल भी बहुत अच्छा है और सभी एक दूसरे का समर्थन कर रहे हैं। हम कोशिश करेंगे कि आगे जो मुकाबले खेले जाने हैं उन्हें जीतें।

-- आइपीएल शुरू होने से पहले टीम के कप्तान केएल राहुल ने कहा था कि आप 'भारतीय क्रिकेट में आने वाली बड़ी चीज' हैं। आप इसे दबाव के रूप देखते हैं या सराहना की तरह लेते हैं?

- मैं इसे सराहना की तरह ही देखता हूं क्योंकि कप्तान आपका समर्थन करते हैं तो बहुत अच्छा लगता है। जब कप्तान यह कहते हैं कि आप विभिन्न परिस्थितियों में गेंदबाजी कर सकते हैं और आपके अंदर वो कला है तो अच्छा लगता है।

-आप लखनऊ की टीम में प्रीमियर स्पिनर के तौर पर खेल रहे हैं। आपके ऊपर टीम का स्पिन विभाग केंद्रित है। इस नई जिम्मेदारी को कैसे देख रहे हैं?

-अच्छा लग रहा है, क्योंकि मेरे ऊपर जिम्मेदारी है तो मुझे लगता है कि जब भी मौका मिले मैं अपनी जिम्मेदारी निभाऊं और टीम को जीत दिलाऊं।

-आइपीएल के शुरुआती दिनों में आपको लीजेंड अनिल कुंबले से काफी कुछ सीखने को मिला था। यहां पर मेंटर गौतम गंभीर और कोच एंडी फ्लावर आपको क्या सिखाते हैं?

-कुंबले सर के साथ भी बहुत कुछ सीखने को मिला। उन्होंने बताया था कि आप अपने खेल को बैक कीजिए और इधर भी यही चीज है कि आप अपने कौशल का प्रदर्शन खुलकर करें। जो भी आपके अंदर है उसे मैदान पर दिखाएं और अपना 100 प्रतिशत दें। वहां भी यही था और यहां भी यही कहा जाता है।

-आइपीएल में ओस अहम भूमिका निभारी है। जो टास जीतता है वो पहले गेंदबाजी करता है, कलाई के स्पिनर के तौर पर ओस के कारण आप पर कैसा दबाव रहता है?

- टी-20 का खेल ही दबाव का है लेकिन हां, ओस भी इसमें एक कारक है। हम उसके लिए पहले ही तैयारी करके रखते हैं। हम गीली गेंद से ही अभ्यास कर रहे हैं। आपको इन सब चीजों से पार पाना होता है।

-इस साल जब आपको पहली बार भारतीय कैप दी गई थी तो कैसा महसूस हुआ था? अपने संघर्ष और भारतीय टीम के सफर के बारे बताएं।

- बहुत अच्छा लगा था। सभी खिलाड़ियों का भारत के लिए खेलने का सपना होता है और जब भारत की कैप मिली तो बहुत ही अच्छा लगा। ऐसा लग रहा था मानो सपना पूरा हो रहा है। मैं जोधपुर से आता हूं और वहां से भारतीय टीम तक पहुंचा हूं। जब पीछे मुढ़कर देखते हैं तो बहुत अच्छा लगता है।

-आजकल टैग लगा दिया जाता है कि यह सफेद गेंद का खिलाड़ी है, यह लाल गेंद का खिलाड़ी है। एक खिलाड़ी के तौर इस चीज को कैसे देखते हैं?

-लोगों का काम कहने का होता है लेकिन आपको अपना काम लगातार करना पड़ता है। सफेद गेंद हो या लाल, आपको जब भी मौका मिले बेहतर करने की कोशिश करना है। आप इसके लिए तैयार रहें और मौका मिलने पर अपना 100 प्रतिशत दें। आप अपना काम करते रहेंगे तो लोग आपके साथ बदलते रहेंगे। अगर आप लाल और सफेद गेंद में अच्छा करेंगे तो लोग कहेंगे कि खिलाड़ी हर गेंद में अच्छा करता है।

-आप टी-20 क्रिकेट में अच्छा कर रहे हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट खेलने के बारे में क्या विचार है?

-जब भी मुझे मौका मिलेगा मैं टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहूंगा क्योंकि टेस्ट ही असली क्रिकेट है, जहां आपकी क्षमता का पता चलता है। आपकी लय का स्तर क्या है, यह सभी चीजें टेस्ट में पता चलती हैं। हर किसी का सपना है भारत के लिए टेस्ट खेलना और जब भी मुझे ऐसा करने का मौका मिलेगा मैं खेलूंगा।

-- आप लेग स्पिनर हैं लेकिन कई बल्लेबाज आपको आफ स्पिनर की तरह खेलने लगे हैं?

- नहीं मुझे फर्क नहीं पड़ता कि वे मुझे कैसे देख रहे हैं। मैं मेरी गेंद डालना चाहता हूं। जो मुझे अच्छा लगता है और मेरे व टीम के लिए सही होता है, मैं वही करता हूं।

-आपके सामने जब दायें हाथ का बल्लेबाज होता है तब आपके दिमाग में क्या चलता है?

- मैच की स्थिति के अनुसार यह देखना पड़ता है, उसके अनुसार ही गेंद फेंकना ज्यादा जरूरी है।

-- आइपीएल में रन बहुत बनते हैं तो आप जब गेंदबाजी करते हो तो क्या दिमाग में रहता है कि रन रोकना है या विकेट लेने हैं?

-यह भी मैच पर भी निर्भर करता है। अगर स्कोर बोर्ड पर काफी रन लगे हुए हैं तो आप विकेट लेने जाएंगे और अगर कम रन बने हैं तो आप जितना दबाव बनाएंगे उतना ज्यादा अच्छा रहेगा।

-टीम के ड्रेसिंग रूम का अब तक के सफर के बारे में क्या सोचना है?

-टीम ने जो विश्वास जताया वो काफी अच्छा है। माहौल बहुत अच्छा है, जैसा कि आप देख रहे हैं कि हमने तीन मुकाबले जीते हैं। मेंटर गौतम सर हैं। सबका एक ही कहना है कि हम क्रिकेट अच्छी खेल रहे हैं लेकिन अभी भी हम पूरी क्षमता के हिसाब से नहीं खेल रहे हैं। जिस दिन हम अपनी क्षमता से खेलेंगे, उस वक्त हम जितने भी मैच खेलेंगे उसमें 80 प्रतिशत मुकाबले जीतेंगे।

-कोई ऐसा बल्लेबाज है जिसके सामने गेंदबाजी करने में आपको डर लगता हो?

- गेंदबाजी करने में डर तो नहीं लगता है लेकिन दो-तीन खिलाड़ी ऐसे हैं जो अच्छी स्पिन खेलते हैं। उसमें सूर्यकुमार यादव और स्टीव स्मिथ शामिल हैं। उनके खिलाफ गेंदबाजी करना कठिन होता है।

-आगे का क्या लक्ष्य है?

-ऐसा कोई लक्ष्य तो मैंने सेट नहीं कर रखा है। मैं बस एक समय में एक टूर्नामेंट ही देख रहा हूं। जो भी मुझे मौका मिल रहा है, कोशिश है उसे भुनाऊं।

-- इस साल टी-20 विश्व कप और अगले साल वनडे विश्व कप है। इसको लेकर दिमाग में कुछ चल रहा है?

- नहीं, मेरे दिमाग में ऐसा कुछ नहीं चल रहा है। इसे दिमाग में लेकर मैं अपने ऊपर दबाव नहीं बढ़ाना चाहता। जब भी मुझे मैच खेलने का मौका मिलेगा मैं उसमें बेहतर करना चाहता हूं।

Edited By: Sanjay Savern