नई दिल्ली, जेएनएन। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई चार मैचों की टेस्ट सीरीज बेहद यादगार रही। पहला मैच हारने के बाद टीम इंडिया ने वापसी की और सीरीज को 2-1 से जीता। ब्रिसबेन में खेले गए आखिरी मुकाबले से पहले भारत के पास कोई भी अनुभवी गेंदबाज नहीं था फिर भी टीम ने जीत दर्ज की। गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने बताया कि वह इस मैच को हारने का जोखिम उठाने के लिए भी तैयार थे।

भरत ने बताया कि हमने बाएं हाथ के गेंदबाज ऑफ स्पिनर वॉशिंग्टन सुंदर के साथ मैच में उतरने का फैसला लिया। उनके पास फर्स्टक्लास का ज्यादा अनुभव नहीं था और पिछले तीन साल से उन्होंने कोई मैच भी नहीं खेला था। "आखिरी मुकाबले में एक अतिरिक्त बल्लेबाज के साथ खेलने का फैसला लिया गया था। वैसे हम सभी ने यह भी सोचा कि यह नकारात्मक फैसला भी होगा। इसके बाद हम सभी ने सोचा की 5 गेंदबाज के साथ खेलने की रणनीति हमारे लिए काम आई है तो इसी चीज पर टिके रहा जाए।"

"सुंदर ने काफी अच्छी बल्लेबाजी की। एक बाएं हाथ का बल्लेबाज होने के नाते वह अच्छे रहे और हमने सोचा कि हमें सकारात्मक सोचना चाहिए। हमने यह पांच गेंदबाजों की थयोरी तीन साल पहले इजात की थी क्योंकि विदेशी कंडीशन में टीम को आउट करने के लिए आपके पास काफी सारे गेंदबाज होने चाहिए। रवि और कोहली इस बात को कहते हैं कि हमें विदेश में सफलता हासिल करने के लिए पांच गेंदबाज तो चाहिए। वैसे कई बार आप मैच हारते भी हैं लेकिन टीम के लिए निडर और ईमानदार होकर खेलना है।" 

आगे उन्होंने कहा, "हम अच्छी चीजों को आगे लेकर जाना चाहते हैं, हम डरते नहीं हैं और ना ही मैच को हार जाने का गम सताता है। हम कुछ मैच हार जरूर हारते हैं लेकिन उससे सीख भी मिलती है। खेल में निराशा मिलती है लेकिन आप इससे जैसे उबर कर आते हैं वो असली खिलाड़ी बनाता है। यही वो एक चीज है जिसको लेकर हम सभी चलते हैं।"

 

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