कोलकाता, प्रेट्र। पूर्व भारतीय कप्तान और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख राहुल द्रविड़ ने कहा कि गुलाबी गेंद स्टेडियम में दर्शकों को खींचकर लाने में मदद करेगी। टेस्ट क्रिकेट में दर्शकों को मैदान तक लाने की चीजों में से सिर्फ यह एक अकेली चीज है। द्रविड़ ने कहा कि यह सिर्फ अकेली समस्या का निदान नहीं है, लेकिन, हां यह सुधार के लिए होने वाली चीजों में से एक है। अगर हम ओस पर काबू पाने में सफल रहे तो डे-नाइट क्रिकेट भारत में हर वर्ष होने वाला एक मैच हो सकता है।

द्रविड़ ने कहा कि अगर ओस रहती है तो गेंद गीली हो जाती है और इससे गेंदबाजों को गेंदबाजी करने में मुश्किल होती है और यह स्विंग भी नहीं होती है। गुलाबी गेंद सिर्फ दर्शकों को मैदान पर लाने तक का जरिया है और इसका इस्तेमाल होना चाहिए। हालांकि, साथ ही अलग मुद्दों को भी देखने की जरूरत है। द्रविड़ का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में दर्शकों को मिलने वाली सुविधाओं में भी इजाफा होना चाहिए।

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पुणे में खेले गए टेस्ट में दर्शकों ने शुरुआती सुविधाओं की कमी के आरोप लगाए थे। द्रविड़ ने कहा कि आपको टॉयलेट, सीट, कार पार्किंग पर भी ध्यान देने की जरूरत है। तब 2001 में ईडन में एक लाख दर्शक पहुंचते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। उस वक्त एचडी टीवी नहीं था, मोबाइल पर क्रिकेट मौजूद नहीं था, अगर आप दर्शकों को मैदान तक खींचना चाहते हो तो आपको मैदान से शुरुआत करनी होगी।

आपको बता दें कि भारत अपना पहला एतिहासिल डे-नाइट टेस्ट मैच कोलकाता में बांग्लादेश के खिलाफ 22 नवंबर से खेलेगा। दो टेस्ट मैचों की सीरीज का ये आखिरी मुकाबला है। इससे पहले इंदौर में खेले गए टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने बांग्लादेश को पारी और 130 रन से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली थी। 

 

Posted By: Sanjay Savern

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