प्रदीप कौशिक, मुजफ्फरनगर। भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी ने कहा कि बांग्लादेशी खिलाडि़यों का फाइनल मैच में व्यवहार आपत्तिजनक रहा। उन्होंने भद्दे कमेंट किए थे। हमें हार और जीत दोनों से ही सीख और अनुभव लेना चाहिए। कार्तिक ने कहा कि लक्ष्य पर निगाह रखें और परिणाम की चिंता छोड़ दें।

हापुड़ के गांव धनौरा निवासी कार्तिक त्यागी के नाना नंदकिशोर पुरकाजी के गांव फलौदा में रहते हैं। शुक्रवार को वह यहां पहुंचे। दैनिक जागरण से बातचीत में कार्तिक ने बताया की बचपन में ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज ब्रेट ली को देख उनके मन में तेज गेंदबाज बनने की जिज्ञासा जागी। अंडर-19 विश्व कप में भारत के लिए खेलना गौरवमयी रहा। फाइनल मैच हारने पर उन्होंने कहा कि वह दिन खराब था। बताया कि उससे पहले हमने इंग्लैंड, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड आदि टीम को पराजित किया। मैच जीतने के बाद बांग्लादेशी टीम ने भारतीय खिलाडि़यों पर भद्दे कमेंट किए थे, जो कि अच्छी बात नहीं थी।

कार्तिक ने बताया कि 2016-17 में लखनऊ में रणजी ट्रॉफी मैच खेलने के दौरान पैर में चोट लग गई थी। विपरीत हालात में पिता योगेंद्र त्यागी ने साथ दिया। घर की चार बीघा पुश्तैनी जमीन बेचकर न सिर्फ उपचार कराया, बल्कि आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। घेर में ही पिच बनवाई, जहां रोजाना अभ्यास किया। फलौदा में बचपन बीता है, इसलिए यहां से दिली लगाव है।

राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना लक्ष्य : कार्तिक ने कहा कि अंडर-19 विश्व कप के अनुभव का लाभ वह आइपीएल में उठाएंगे। आइपीएल में वह राजस्थान रॉयल्स टीम का हिस्सा हैं। राष्ट्रीय टीम में जगह पक्की करना उनका लक्ष्य है।

आपको बता दें कि प्रियम गर्ग की कप्तानी में भारत अंडर 19 टीम ने अंडर 19 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन फाइनल में भारत को पहली बार फाइनल में पहुंचने वाली टीम बांग्लादेश के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इस मैच के दौरान बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने काफी भद्द कमेंट किए जो काफी चर्चा का विषय बना था। इसके लिए आइसीसी ने उस टीम कुछ खिलाड़ियों को दंडित भी किया था। 

Posted By: Sanjay Savern

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