(के. श्रीकांत का कॉलम)

वेस्टइंडीज के लिए सबसे बड़ी चुनौती 50 ओवरों के क्रिकेट में रास्ता तलाशना है। जहां तक टेस्ट क्रिकेट की बात है, तो उनके पास इस काम के लिए अलग खिलाड़ी हैं, लेकिन वनडे में उनके सामने ढेरों सवाल खड़े हैं। वेस्टइंडीज के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि वे अच्छी शुरुआत को आगे तक नहीं बढ़ा पाते हैं। उनके पास पावर हिटर हैं और उनके गेंदबाजों के पास हवा में गति के साथ विविधता भी है। इसके बावजूद खराब परिणाम इसलिए आता है क्योंकि उनके पास कोई गेम प्लान नहीं है।

अगर कोई टीम 50 और 20 ओवरों में एक जैसी योजना के साथ उतरेगी, तो उसे परेशानी होगी। क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में मेहमान टीम अपना दिन होने पर किसी को भी हरा सकती है, लेकिन जब उनका दिन न हो तो कमजोर टीमें भी उन्हें हरा सकती हैं। ऐसा हम कई बार देख चुके हैं। उन्हें यहां अलग रणनीति के साथ खेलना होगा और मुश्किल समय में धैर्य से काम लेना होगा।

दूसरी तरफ भारतीय टीम एक बढि़या काम करने वाली मशीन की तरह दिख रही है, जो हर दिन के साथ बेहतर होती जा रही है। इस टीम में शिखर धवन और जसप्रीत बुमराह भी जुड़ जाएं, तो दुनिया की सबसे बेहतर संतुलित टीम बन जाएगी। हालांकि बुमराह चोट से जूझ रहे हैं और उनके विकल्प उतना बेहतर नहीं कर पा रहे हैं, जो सर्वश्रेष्ठ टीम के सामने दिक्कत कर सकता है। खासतौर से विदेशी धरती पर।

भुवनेश्वर कुमार की कमी भारतीय टीम को खलेगी। टी-20 सीरीज में उनका अनुभव देखने को मिला है और उनका वनडे सीरीज न खेलना दुर्भाग्यजनक है। अगली सीरीज में बुमराह और हार्दिक पांड्या की वापसी की खबर खुशी देने वाली है। मैं भारत के सर्वश्रेष्ठ संयोजन को नियमित तौर पर मैदान में देखना चाहता हूं। अगर यह टीम चोटों से दूर रहती है, तो 50 ओवरों के क्रिकेट पर राज कर सकती है।

चेन्नई में पिछले दो दिन से बारिश हो रही है, जो प्रशंसकों के लिए अच्छी खबर नहीं है। इस वजह से पिच और मैदान काफी धीमा हो सकता है। अगर मौसम मोहलत देता है, तो 250 रन का स्कोर भी काफी रहेगा। शुरुआत से पहले भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहेगा, लेकिन सफेद गेंद की क्रिकेट में कैरेबियाई टीम कभी भी कोई भी करिश्मा कर सकती है।

Posted By: Sanjay Savern

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