नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार के बाद भले ही टीम इंडिया की डेथ बॉलिंग को लेकर चिंता बढ़ गई हो लेकिन पूर्व भारतीय कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि डिफेंड न कर पाने की कमजोरी पिछले कुछ सालों से लगातार बनी हुई है। टीम इंडिया के पिछले 4 टी20 मैचों की बात करें तो उसमें से 3 में उसे हार मिली है जिसमें वह अपने टोटल को डिफेंड कर रही थी। एशिया कप में दो मुकाबले और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में खेला गया टी20 मैच टीम इंडिया के गेंदबाज लगातार डिफेंड करने में नाकामयाब रहे हैं। पहले श्रीलंका और फिर पाकिस्तान और अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया एक ही समस्या से जूझ रही है वो है डेथ ओवर में गेंदबाजी जिसमें गेंदबाज जमकर रन लुटा रहे हैं।

भारत के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि टीम की यह समस्या नई नहीं है बल्कि पिछले कुछ सालों से है। जब टीम चेज कर रही होती है तो जीत जाती है लेकिन जसप्रीत बुमहार के बिना डिफेंड करना मुश्किल हो जाता है।

इंडिया टुडे ग्रुप से बात करते हुए गावस्कर ने कहा 'यह भारत की कमजोरी है। यह नई समस्या नहीं है। यह पिछले कुछ सालों से लगातार बनी हुई है जब टीम डिफेंड करती है। बुमराह के बिना उन्हें समस्या होती है। जब वह हैं तो स्कोर डिफेंड होता है लेकिन उनके बिना वह 200 भी डिफेंड नहीं कर पाते। हमें इसका समाधान निकालना होगा नहीं तो यह उन्हें नुकसान पहुंचाएगा।'

बुमराह के खेलने पर गावस्कर

पहले मैच में जसप्रीत बुमराह के शामिल न करने पर उन्होंने उनकी फिटनेस के बारे में कहा कि 'मुझे लगता है कि वह टीम के खास सदस्य हैं और जब तक वह पूरी तरह से फिट नहीं हो जाते टीम मैनेजमेंट अंतिम ग्यारह में उन्हें नहीं रखेगी। हो सकता है कि वह नागपुर में खेले या न खेले लेकिन जब टीम इंडिया टारगेट चेज करती है तो मैच जीतती है लेकिन इसके उलट 16-20 ओवर के दौरान जो गेंदबाजी टोटल डिफेंड करने में चाहिए वह टीम के पास नहीं है।'

3 मैचों की सीरीज का दूसरा टी20 मैच नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाएगा जहां टीम को सीरीज में वापसी के हर हाल में जीतना होगा और इस समस्या से पार पाना होगा।

Edited By: Sameer Thakur