कराची, पीटीआइ। पाकिस्तानी तेज गेंदबाज हसन अली को पूरा भरोसा है कि उनकी टीम 2017 चैंपियंस ट्राफी के फाइनल में मिली जीत से प्रेरणा लेकर आइसीसी टी-20 विश्व कप के शुरुआती मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी भारत को हरा सकती है। हालांकि, इसके बाद पाकिस्तानी टीम 50 ओवर के मैचों में दो बार भारत से खेली है, लेकिन उसे 2018 में दुबई में एशिया कप और 2019 में मैनचेस्टर में वनडे विश्व कप दोनों में हार का सामना करना पड़ा।

किसी भी वैश्विक प्रतियोगिता से पहले पाकिस्तानी खेमे की ओर से काफी बयानबाजी की जाती है, लेकिन अभी तक वे वनडे या टी-20 विश्व कप में भारत को हरा नहीं सके हैं। यहां तक कि इन टूर्नामेंटों के अभ्यास मैचों में भी पाकिस्तानी टीम भारत को मात नहीं दे सकी है। हसन ने कहा, 'जब हमने (2017 में) चैंपियंसट्राफी जीती थी तो यह हमारे लिए काफी अच्छा समय था और हम टी-20 विश्व कप में भी फिर से भारत को हराने का प्रयास करेंगे। हम अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे। भारत के खिलाफ खेलना हमेशा ही दबाव भरा रहता है, क्योंकि दोनों देशों के प्रशंसकों की काफी उम्मीदें लगी होती हैं।'

 

उन्होंने साथ ही कहा कि वैश्विक प्रतियोगिताओं में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच हमेशा सबसे ज्यादा देखा जाता है। हसन ने कहा, 'यहां तक कि सामान्य तौर पर जो लोग क्रिकेट मैच नहीं देखते, वे भी भारत बनाम पाकिस्तान मैच देखते हैं, इसलिए खिलाडि़यों पर काफी ज्यादा दबाव होता है, लेकिन हम अपना सर्वश्रेष्ठ करेंगे।'

उन्हें यह भी लगता है कि यूएई में स्पिनरों का दबदबा रहेगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि तेज गेंदबाज वहां के सूखे हालात में अच्छा नहीं कर पाएंगे। हसन ने कहा, 'हम जानते हैं कि उन परिस्थितियों में किस तरह की गेंदबाजी की जानी है, लेकिन हां, आप देख सकते हो कि सभी टीमों ने काफी स्पिनर रखे हैं।'

हसन ने स्वीकार किया कि वह मिस्बाह उल हक और वकार यूनिस के विश्व कप से पहले मुख्य कोच और गेंदबाजी कोच के पद से हटने से काफी निराश थे। उन्होंने कहा, 'लेकिन, खिलाड़ी के तौर पर यह हमारे हाथ में नहीं है और इसका ध्यान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड रखेगा। हमारा काम खेलना है और अच्छा खेलकर पाकिस्तान के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच जीतना है।'

 

Edited By: Viplove Kumar