मेलबर्न, एएनआइ। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल का मानना है कि टी20 प्रारूप इस खेल को ओलिंपिक में ले जाने के लिए काफी है और नए एडिशन 'द हंड्रेड' की वास्तव में जरूरत नहीं है। बता दें कि द हंड्रेड इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के दिमाग की उपज है। इसमें आठ टीमें एक-दूसरे से भिड़ रही हैं। टूर्नामेंट में पहला मैच 21 जुलाई को ओवल इनविंसिबल्स और मैनचेस्टर ओरिजिनल्स की महिला टीमों के बीच खेला गया था। द हंड्रेंड 100-बॉल का क्रिकेट टूर्नामेंट है। इसमें मेंस और विमेंस दोनों टीमें खेल रही हैं।

चैपल ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो के लिए अपने कालम में लिखा, 'टेलीविज़न डील के लिए गेंदों की संख्या को कम करने के अलावा, हंड्रेड के पीछे तर्क यह भी हो सकता है कि यह ओलिंपिक में क्रिकेट को शामिल करने की संभावनाओं को मजबूत बनाता है। इसे अक्सर खेल को और अधिक लोगों तक पहुंचने के तौर पर देखा जाता है। निश्चित रूप से टी 20 प्रारूप से इसे प्राप्त किया जा सकता है।'

चैपल ने अपने कालम में आगे कहा, 'क्रिकेट एक टीम गेम है, जो आदर्श रूप से एक टीम के 11 सदस्यों द्वारा खेला जाता है। प्रदर्शन को लेकर संतुष्टि एक बड़ा कारण है कि युवाओं को इस खेल से प्यार हो जाता है। प्रशासकों को खेल के छोटे प्रारूप बनाने से पहले इसे ध्यान रखना चाहिए। एक पारी की लंबाई जितनी कम होगी, उतनी ही अधिक संभावना होगी कि खिलाड़ी  कभी-कभार के प्रदर्शन से संतुष्ट होंगे।'

चैपल ने आगे कहा, 'अपने करियर के दौरान मेरा मानना था कि किसी समस्या के दो संभावित समाधान हैं। एक सरल और एक जटिल। मैं यह भी मानता था कि इंग्लैंड जटिल समाधान का चयन करेगा और ऑस्ट्रेलिया को फायदा होगा। उन्होंने एक बार फिर कुछ ऐसा ही किया है। क्रिकेट को ठीक तरह से न समझने वाले लोगों की समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने खेल का एक नया प्रारूप तैयार किया है - द हंड्रेड। उन्होंने खिलाड़ियों और जनता के बीच एक बेहद लोकप्रिय प्रारूप से केवल 20 गेंद कम कर दी है।'

Edited By: Tanisk