नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने कहा है कि महेंद्र सिंह धौनी वनडे इंटरनेशनल और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सौरव गांगुली से बेहतर कप्तान हैं। 2003 में सौरव गांगुली की कप्तानी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले गौतम गंभीर ने 2007 में भारत के लिए एमएस धौनी की कप्तानी में टी20 वर्ल्ड कप जीता था, जबकि 2011 में वनडे विश्व कप भी धौनी की ही कप्तानी में देश ने जीता था।

गंभीर ने आइसीसी की सभी ट्रॉफी उठाने के लिए कप्तान एमएस धौनी की सराहना भी की है। एमएस धौनी ने 2017 की शुरुआत में कप्तानी छोड़ दी थी, लेकिन संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में 2018 एशिया कप में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र मैच के लिए वे कप्तान के तौर पर मैदान पर लौटे। दूसरी ओर सौरव गांगुली ने भारत के कप्तान के रूप में उस समय पदभार संभाला जब टीम मैच फिक्सिंग के आरोपों से जूझ रही थी।

गौतम गंभीर ने स्टार स्पोर्ट्स के शो क्रिकेट कनेक्टेड में कहा, "एमएस धौनी सफेद गेंद वाले क्रिकेट में सौरव गांगुली से बेहतर कप्तान थे, खासकर अगर आप अकेले ट्रॉफी जीतने की बात करें। टी20 विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी, 50 ओवर विश्व कप - आइसीसी टूर्नामेंटों में जीतने के लिए और कुछ नहीं बचा है, क्योंकि उन्होंने सब कुछ जीता है। एक कप्तान के रूप में, जाहिर है कि आपके पास बेहतर रिकॉर्ड नहीं हो सकता। इसलिए, मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि सीमित ओवरों की क्रिकेट में धौनी का सौरव गांगुली के ऊपर एक बड़ा हाथ है।"

दोनों की नेतृत्व शैली पर प्रकाश डालते हुए गौतम गंभीर ने कहा कि गांगुली के पास अपनी टीम में अनुभव नहीं था, लेकिन धौनी के पास मैच विजेता खिलाड़ी थे। उन्होंने कहा, "जब गांगुली ने कप्तान के रूप में पदभार संभाला, तो उनके पास अनुभवहीन टीम थी, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, जहीर खान, आशीष नेहरा और मोहम्मद कैफ जैसे खिलाड़ी युवा थे। जब एमएस धौनी ने कप्तान के रूप में पदभार संभाला तो ये सभी खिलाड़ी विश्व-विजेता थे, इसलिए शायद यही कारण था कि वे बेहतर कप्तान बने। धौनी ने उन खिलाड़ियों को नहीं बदला जो दबाव को बेहतर तरीके से संभाल सकते थे।"

Posted By: Vikash Gaur

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