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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'वो भारत को शिखर तक ले जा सकता है...', Gautam Gambhir के हेड कोच बनते ही उनके गुरु ने गिनाई खूबियां

Published: Wed, 10 Jul 2024 08:09 PM (IST)

बीसीसीआई ने 9 जुलाई को ये एलान किया कि गौतम गंभीर भारतीय टीम के नए हेड के तौर पर नियुक्त ...और पढ़ें

Gautam Gambhir के बचपन के कोच संजय भारद्वाज ने जमकर की उनकी तारीफ
Gautam Gambhir के बचपन के कोच संजय भारद्वाज ने जमकर की उनकी तारीफ

HighLights

  1. गौतम गंभीर बने भारत के नए हेड कोच
  2. Gautam Gambhir की तारीफ उनके गुरु संजय भारद्वाज ने जमकर पढ़े कसीदे
  3. गौतम गंभीर का बतौर हेड कोच कार्यकाल जुलाई 2027 तक रहेगा

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2024 का खिताब जीतने के साथ ही राहुल द्रविड़ का बतौर कोच कार्यकाल समाप्त हो गया था। इसके बाद द्रविड़ की जगह कौन हेड कोच बनेगा, इसकी चर्चा चरम पर थी। 9 जुलाई को जय शाह ने ये एलान करते हुए बताया कि गौतम गंभीर को भारत का नया हेड कोच बनाया गया है। इस बीच गंभीर के हेड कोच बनने के बाद उनके बचपन के कोच संय भारद्वाज का रिएक्शन सामने आया है।

Gautam Gambhir के बचपन के कोच संजय भारद्वाज ने क्या कहा?

दरअसल, भारतीय टीम के नए हेड कोच गौतम गंभीर के बचपन के कोच संजय भारद्वाज ने कहा है कि पूर्व सलामी बल्लेबाज अपने खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाने की क्षमता रखता है और चुनौतियों का डटकर सामने करने की उनकी आदत नेशनल टीम को शिखर पर ले जाने का दमखम रखती है। 

हार के बारे में नहीं सोचते गंभीर

इसके साथ ही गंभीर के गुरु संजय भारद्वाज ने उनके बचपन के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसा गंभीर के वह 10 साल की उम्र से ही हमेशा जीतने की मानसिकता के साथ खेलते थे। वह कभी हारने के बारे में नहीं सोचते थे। उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि वह हमेशा चुनौती के साथ खेलते थे। जब वह 10 साल के थे तब से ही उनमें जीत की मानसिकता थी। वह हमेशा जीतने के लिए खेलते थे. उन्होंने कभी नहीं सोचा कि वह मैच हार सकते हैं। उन्हें कभी संदेह नहीं हुआ।

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World Cup 2007 और 2011 की चैंपियन टीम का हिस्सा रहे गंभीर

साल 2007 टी20 वर्ल्‍ड कप और वनडे वर्ल्‍ड कप 2011 में टीम इंडिया ने विश्व कप का खिताब जीता था और उस वक्त गंभीर भी चैंपियन टीम का हिस्सा रहे थे। उन्‍होंने दोनों ही टूर्नामेंट के फाइनल में मैच विनिंग पारी खेली थी। टी20 वर्ल्‍ड कप 2007 के फाइनल में गौतम गंभीर ने 54 गेंदों पर 75 रन ठोके थे। वहीं, वनडे विश्‍व कप 2011 के फाइनल में पूर्व भारतीय क्रिकेटर के बल्ले से 122 गेंदों पर 97 रन निकले थे।