लंदन, प्रेट्र। इंग्लैंड के बल्लेबाजी कोच ग्राहम थोर्प ने कहा है कि तेज गेंदबाज ओली रॉबिनसन के लिंगभेद और नस्लवाद से जुड़ी पुरानी पोस्ट के चर्चा में आने के बाद उनका क्रिकेट बोर्ड खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में चुनने से पहले इंटरनेट मीडिया के उनके इतिहास की समीक्षा कर सकता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ बुधवार को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले 27 वर्षीय रॉबिनसन के कारण तब विवाद पैदा हो गया, जब 2012-13 में ट्विटर पर लिंगभेद और नस्लवाद से जुड़ी उनकी पोस्ट इंटरनेट मीडिया में चर्चा का विषय बन गई।

थोर्प ने कहा कि इस तरह के विवाद से बचने के लिए भविष्य में खिलाड़ी के इंटरनेट मीडिया इतिहास की जांच करने के अधिक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'यह स्पष्ट रूप से ऐसा मामला है जिस पर गौर करने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी नौबत फिर नहीं आए।' रॉबिनसन ने बाद में एक किशोर के रूप में लिखी गई इन पोस्ट के लिए माफी मांगी थी। ईसीबी रॉबिनसन के कृत्यों की जांच कर रहा है।

रॉबिनसन ने एक किशोर के रूप में नस्लवादी और लैंगिकवादी टिप्पणी वाले अपने ट्वीट पर बुधवार को बिना शर्त माफी मांगी। अप्रैल 2012 और जून 2013 के बीच भेजे इन ट्वीट में एन शब्द का इस्तेमाल, मुस्लिम लोगों को आतंकवाद से जुड़े होने का सुझाव देने वाली टिप्पणियां और एशियाई वंश की महिलाओं और लोगों के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां शामिल थीं। रॉबिनसन तक 18 और 19 वर्ष के थे और लीसेस्टरशायर, केंट और यॉर्कशायर की दूसरी टीमों का प्रतिनिधित्व करते थे। रॉबिनसन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा, 'मेरे करियर के अब तक के सबसे बड़े दिन में मैं आठ साल पहले मेरे द्वारा पोस्ट किए गए नस्लवादी और लैंगिकवादी ट्वीट के लिए शर्मिदा हूं, जो आज सार्वजनिक हो गए हैं। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं नस्लवादी और लैंगिकवादी नहीं हूं। मैं बिना शर्त माफी मांगना चाहता हूं।'

Edited By: Tanisk