कोलंबो, प्रेट्र। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वनडे में दीपक चाहर की नॉटआउट पारी को हमेशा याद रखा जाएगा। दीपक ने ये पारी खेलकर लगभग हारे हुए एक मैच में भारत को जीत दिलाई। दीपक चाहर के अंदाज की भी यहां पर तारीफ करनी होगी क्योंकि जिस धैर्य के साथ उन्होंने बल्लेबाजी की, ऐसे नाजुक मौके पर ऐसा धैर्य दिखाया आसान नहीं होता वो भी तब जब आपके पास टारगेट भी बड़ा था और विपक्षी टीम पूरी तरह से हावी थी। दूसरे वनडे में दीपक ने फिनिशर की भूमिका भारत के लिए बखूबी निभाई और परिणाम जीत के रूप में सामने आया। अब अपनी इस बल्लेबाजी का श्रेय दीपक चाहर ने टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एम एस धौनी को दिया है। 

भारतीय तेज गेंदबाज दीपक चाहर ने कहा कि, उन्होंने लक्ष्य का पीछा करने की कला महेंद्र सिंह धौनी से सीखी है। दीपक चाहर ने आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 69 रन बनाए और टीम को जीत दिलाई। चाहर ने कहा कि, धौनी का मुझ पर गहरा असर है । सिर्फ चेन्नई सुपर किंग्स के साथ ही नहीं बल्कि शुरू से हमने देखा है कि कैसे वो करीबी मैच जिताते थे। वो हमेशा मुझसे कहते हैं कि मैच आखिर तक ले जाना तुम्हारे हाथ में है और अगर तुम ऐसा कर सके और तुम्हारे पास ओवर हों तो मैच रोमांचक हो सकता है। 

उन्होंने तीसरे वनडे से पहले वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि, तो मैं वही कर रहा था । मैच को आखिरी ओवर तक खिंचना था। सीएसके के लिये धौनी की कप्तानी में खेल चुके चाहर ने कहा कि वह टी20 विश्व कप के बारे में नहीं सोच रहे हैं लेकिन बल्ले से खुद को साबित करने की उन्हें खुशी है। उन्होंने कहा कि, टी20 विश्व कप अभी काफी दूर है । मेरा लक्ष्य यही है कि जब भी मौका मिले, मैं खुद को साबित करूं चाहे बल्ले से या फिर गेंद से। चयन मेरे हाथ में नहीं है, लेकिन मेरा काम प्रदर्शन करना है।