मेलबर्न, पीटीआइ। ऑस्ट्रेलियाई टीम के सीमित ओवरों के कप्तान एरोन फिंच को लगता है कि कोरोना वायरस महामारी के बाद क्रिकेट को फिर से बहाल करने के लिए दुनिया भर के शेयरधारकों(जो क्रिकेट से जुड़े देश हो या फ्रेंचाइजी) को समझौता करना होगा। एरोन फिंच ने कहा है कि क्रिकेट के शुरू होने से मतलब है कि द्विपक्षीय सीरीज की शुरुआत हो, जिससे कि खेल को आगे बढ़ाया जा सके।

हर कोई जानता है कि कोरोना वायरस की वजह से क्रिकेटिंग कैलेंडर पर किस तरह का प्रभाव पड़ा है। बीते ढाई महीने में किसी भी देश में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेली गई है। ऐसे में क्रिकेट की बहाली प्राथमिकता होनी चाहिए। क्रिकबज से बात करते हुए एरोन फिंच ने कहा है, "यह सिर्फ आइपीएल के लिए नहीं, बल्कि सभी क्रिकेट के लिए एक बिंदु होगा, बहुत सारे अलग-अलग हितधारकों - संगठनों, देशों, खिलाड़ियों, ICC - से एक समझौता होगा, ताकि क्रिकेट और देशों को फिर से फायदा मिल सके।"

फिंच ने कहा है कि 28 मई को होने वाली आइसीसी की बोर्ड मीटिंग अगले महीने होनी चाहिए। फिंच ने कहा है, "मेरा मानना है कि आइसीसी की मीटिंग अगले सप्ताह एफटीपी(फ्यूचर टूर प्रोग्राम्स) को लेकर होनी दोबारा होनी है। अगले कुछ सप्ताह में आपको ज्यादा विचार मिल सकते हैं कि कौन सा देश क्या चाहता है और किस देश में कैसे हालात हैं। हर कोई साथ मिलकर काम कर रहा है कि किस तरीके से सभी के लिए अच्छे परिणाम मिल सकें। कुछ परिस्थितियां जहां यह ऑस्ट्रेलिया के लिए आदर्श नहीं है, हमें समझौता करना और उसे छोड़ना होगा। यह एक बड़ा प्रयास होगा, मुझे लगता है।"

आइसीसी की मीटिंग का सबसे बड़ा उद्देश्य आइसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2020 माना जा रहा है, जो अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में प्रस्तावित है। कोरोना वायरस के कारण इसी टूर्नामेंट पर काले बादल मंडरा रहे हैं। अगर टी20 वर्ल्ड कप नहीं होता है तो फिर उसी विंडो में आइपीएल के 13वें सीजन का आयोजन संभव हो पाएगा।

Posted By: Vikash Gaur

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