कोलंबो, पीटीआइ। चेतेश्वर पुजारा को कभी भी विपक्षी बल्लेबाजों के लिए स्लेजिंग (छींटाकशी) करने के लिए नहीं जाना जाता है, लेकिन अगर इससे गेंदबाजों को मदद मिलती है तो वह इसके खिलाफ भी नहीं हैं।

पुजारा ने अजिंक्य रहाणे के साथ बीसीसीआइ टीवी के लिए बातचीत के दौरान कहा, 'जब मैं फीफा (वीडियो गेम) खेलता हूं तब मैं बहुत शोर करता हूं और इन दिनों आपने देखा होगा, मैं मैदान पर भी काफी शोर करता हूं। मैं स्लेजिंग की ट्रिक सीख रहा हूं। यदि आपको किसी खास बल्लेबाज के लिए स्लेजिंग करने की जरूरत पड़ती है, तो आपको करनी चाहिए। इससे गेंदबाजों को मदद मिलती है।' 

रहाणे के लिए लोगों की धारणा है कि वह व्यक्तिगत रूप से शांत स्वभाव के हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं मानते। अपनी टीम के साथी पुजारा के साथ बातचीत में रहाणे ने कहा, 'मैं उतना शांत नहीं हूं जितना कि लोग सोचते हैं। मुझे बात करना पसंद है। यहां तक कि मैं अपनी पत्नी के साथ काफी बातें करता हूं।'

पुजारा और रहाणे जरूरत पड़ने पर स्लेजिंग भी कर सकते हैं, लेकिन दोनों ही शांतचित होकर अपना काम करते हैं। इससे वे मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहते हैं। रहाणे ने कहा, 'मैं बचपन से ही शांत स्वभाव का था। हो सकता है कि यह मेरी पारिवारिक पृष्ठभूमि की वजह से हो। लेकिन, शांतचित रहने से मुझे मैदान पर मदद मिलती है, खासतौर पर टेस्ट मैचों में। हालांकि, मैं पहले जितना शांत था अब उतना नहीं हूं।'

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Posted By: Bharat Singh

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