बेंगलुरु, आइएएनएस। पूर्व भारतीय कप्तान और कोच अनिल कुंबले ने कहा है कि उनका एकमात्र टेस्ट शतक उनके लिए बहुत ही खास था। भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाले कुंबले के नाम एक टेस्ट शतक भी दर्ज हैं, जोकि उन्होंने 2007 में ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था।

अनिल कुंबले ने कहा, 'निश्चित रूप से शतक बहुत खास था क्योंकि मैंने इसकी कोशिश की थी। मैंने पहले मैच से ही कोशिश की थी और यह मुझे 117वें टेस्ट में जाकर हासिल हुआ। तो यह शायद मेरे लिए भी अनुमान था। अनुमान यही था कि गेंदबाज क्या करेगा और फिर मुझे 117वें टेस्ट मैच में सभी अनुमान सही लगे। अगर आप ड्रेसिंग रूम को देखें तो मुझसे ज्यादा मेरे टीम साथी खुश थे। मुझे लगता है कि लक्ष्मण मेरे शतक का जश्न बनाने के लिए गिर गए थे। मैं जानता था कि दूसरे छोर पर मेरे साथ अंतिम खिलाड़ी खड़ा था। श्रीसंत अतिम छोर पर अंतिम खिलाड़ी के रूप में खड़े थे। मैंने उनके साथ करीब 30 रन बनाए थे। मुझे पता था कि उन्होंने तीसरी या चौथी नई गेंद ली है, मुझे याद नहीं है। इसलिए मुझे पता था कि मुझे रन बनाने हैं और श्रीसंत को स्ट्राइक नहीं देना है। लेकिन वह शतक बनाने का अनुभव ही अलग था।'

अनिल कुंबले ने अपने टेस्ट करियर का पहला और आखिरी शतक 117वें टेस्ट मैच में लगाया था। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ द ओवल में साल 2007 में खेले गए टेस्ट मैच की पहली पारी में नाबाद 110 रन जबकि दूसरी पारी में नाबाद 8 रन बनाए थे। कुंबले ने अपने करियर में कुल 132 टेस्ट मैच खेले थे और कुल 2506 रन बनाए थे। वहीं गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने कुल 619 विकेट लिए थे। वो भारत की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। 

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