लंदन, एजेंसी। इंटरनेशनल क्रिकेट इस वक्त तीन फार्मेट में खेला जा रहा है। टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों ही तरह के क्रिकेट को एक साथ आगे लेकर बढ़ना आइसीसी के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है। दुनिया भर में टी-20 क्रिकेट की फ्रेंचाइजी लीग के बढ़ते चलन के बावजूद इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रास का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट और टी-20 सहजता से एक दूसरे के साथ आगे बढ़ सकते हैं।

वर्तमान में इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की क्रिकेट समिति के चेयरमैन स्ट्रास ने इस नतीजे पर पहुंचने से पहले आइपीएल के लिए ढाई महीने की विंडो पर भी गौर किया। स्ट्रास ने कहा, 'एक बात जो कि हम दूसरे देशों के बारे में जानते हैं कि वहां टेस्ट क्रिकेट कमाई नहीं करता, जैसे कि यहां करता है। टी-20 वो प्रारूप है जो नए लोगों को इस खेल से जोड़ता है। मेरा अब भी मानना है कि यह दोनों प्रारूप, टेस्ट और टी-20 क्रिकेट सहजता से एक साथ चल सकते हैं। लेकिन चुनौती उपयुक्त कार्यक्रम तैयार करने की है, जिससे खिलाड़ी इन दोनों प्रारूपों में खेल सकें। यह वास्तव में जटिल काम है।'

इससे पहले भारत के विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव ने कहा, 'मुझे लगता है कि आइसीसी की एक बड़ी जिम्मेदारी है कि इस खेल को कैसे बचाया जाए। यह यूरोप में फुटबाल की तरह चल रहा है। वे प्रत्येक देश के विरुद्ध नहीं खेलते हैं। यह चार साल में विश्व कप के रूप में एक बार होता है। क्या हम भी ऐसा ही करेंगे कि विश्व कप के अलावा बाकी समय क्लब क्रिकेट खेलेंगे।'

उन्होंने कहा, 'इसी तरह, क्या क्रिकेटर अंतत: मुख्य रूप से आइपीएल या बिग बैश या ऐसी ही कुछ लीग में खेल रहे होंगे? आइसीसी को इस पर और ध्यान देना चाहिए जिससे वनडे क्रिकेट, टेस्ट क्रिकेट के अस्तित्व को सुरक्षित रखा जा सके।'

Edited By: Viplove Kumar