ब्रिसबेन, एएनआइ। भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर चार मैचों की टेस्ट सीरीज में लगातार दूसरी बार 2-1 से हराकर उन्हें बहुत ही बड़ा झटका दिया। इस टेस्ट सीरीज के दौरान हर मैच में कमाल का संघर्ष हुआ और भारतीय टीम ने हारी हुई बाजी को पलट दिया। भारतीय टीम फिटनेस की समस्या से जूझती रही और कम अनुभवी खिलाड़ियों के साथ टीम इंडिया ने कंगारूओं का ऐसा हाल किया जिसके बारे में किसी ने शायद ही सोचा था। भारत की इस जीत पर कंगारू कोच जस्टिन लैंगर हैरान हैं। 

भारत की जीत के बाद लैंगर ने कहा कि, उन्हें इस हार के बाद बड़ी सीख मिली है कि, भारतीय टीम को कभी कमतर नहीं आंकना है। भारत ने चौथे टेस्ट के साथ सीरीज 2-1 से जीती। भारत ने गाबा में 329 रन बनाकर 3 विकेट से जीत हासिकल की। लैंगर ने कहा कि, ये एक बेहतरीन टेस्ट सीरीज थी और अंत में एक हारता है और एक जीतता है। हमें यह हार लंबे समय तक खलेगी और इसका पूरा श्रेय भारत को जाता है। हमने इससे सबक सीखा है कि कभी किसी चीज को हल्के में नहीं लेना और दूसरा यह कि भारतीयों को कभी कमतर नहीं आंकना। भारत की आबादी डेढ अरब है और अगर आप उसकी अंतिम एकादश में है तो वाकई काफी उम्दा और मजबूत खिलाड़ी होंगे।

लैंगर ने कहा कि एडिलेड में 36 रन पर आउट होने के बाद भारत की वापसी शानदार थी, खासकर जसप्रीत बुमराह और रविंद्र जडेजा जैसे बड़े खिलाड़ियों के चोटिल होने के बावजूद। उन्होंने कह कि भारतीय टीम की जितनी तारीफ की जाए, कम है। पहले मैच में तीन दिन में हारने के बाद भी उन्होंने हौसला नहीं छोड़ा और शानदार वापसी की। हमें बड़ा सबक मिला है और अब कभी भारत को हल्के में नहीं लेंगे।

जीत के नायक रहे रिषफ पंत की 89 रन की नाबाद पारी के बारे में उन्होंने कहा कि वो शानदार पारी थी। मुझे हेडिंग्ले में बेन स्टोक्स की पारी याद आ गई। वो बेखौफ होकर खेलाे और उनकी पारी अविश्वसनीय रही। शुभमन गिल ने भी अच्छी बल्लेबाजी की। रिषभ पंत को प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब भी मिला और उन्होंने भारत के लिए टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाए। 

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