यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Exclusive Interview: 'हमारे लिए मतांतरण का अर्थ राष्ट्रांतरण हैं, हम सहन नहीं करेंगे', विष्णुदेव साय ने खुलकर रखी अपनी बातें
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भ्रष्टाचारियों नक्सलियों और अपराधियों के ठिकानों पर बुल्डोजर चलवाते हुए जीरो टालरेंट नीति पर बढ़ चुके हैं। ...और पढ़ें

उत्तरी छत्तीसगढ़ के वन आच्छादित जशपुर जिला मुख्यालय से 43 किलोमीटर दूर बगिया गांव के पंच पद से 1989 में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले विष्णुदेव साय 35 वर्ष की राजनीतिक यात्रा में अब छत्तीसगढ़ के चौथे मुख्यमंत्री हैं। वह तीसरी बार के विधायक हैं तो 1999 से 2019 तक लगातार चार बार रायगढ़ क्षेत्र से सांसद भी रहे। प्रदेश अध्यक्ष से लेकर केंद्रीय मंत्री तक का दायित्व निभाने के बाद भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता के रूप में जमीन से जुड़े रहना उन्हें विशिष्ट बनाती है।
सहज, सरल और सौम्य चेहरे पर हमेशा रहने वाली हल्की सी मुस्कुराहट स्वयं अनेक प्रश्नों का उत्तर दे देती है। साथ ही अपने वचन और सिद्धांत के प्रति सख्ती और प्रतिबद्धता उन्हें अलग श्रेणी में खड़ा करती है। वह आदिवासियों को हिंदुओं से अलग बताने वालों के समक्ष मतांतरण विरोधी सशक्त चेहरा भी हैं। मतांतरण का अर्थ राष्ट्रांतरण मानते हैं। दिसंबर 2023 में उनका मुख्यमंत्री बनना राजनीतिक गुरु दिलीप सिंह जुदेव का सपना पूरा होने जैसा रहा।
21 फरवरी को ही 60वां जन्मदिवस मनाने वाले कंवर जनजाति के विष्णु भ्रष्टाचारियों, नक्सलियों और अपराधियों के ठिकानों पर बुल्डोजर चलवाते हुए जीरो टालरेंट नीति पर बढ़ चुके हैं। दूसरी तरफ मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए अंत्योदय का मंत्र उनका मुख्य अस्त्र है। प्रस्तुत है विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लेकर काम में जुटे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राज्य ब्यूरो प्रमुख संदीप तिवारी की विभिन्न मुद्दों पर बातचीत के प्रमुख अंश...
छत्तीसगढ़ को 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लिए विजन डाक्यूमेंट तैयार करने की घोषणा के पीछे विजन क्या है ?
2047 में जब देश अपनी आजादी का शताब्दी वर्ष मना रहा होगा तब हमारा प्रदेश कैसा होगा। इसका एक दीर्घकालिक विजन लेकर हम आ रहे हैं। प्रदेश के हर नागरिक की राज्य के विकास में भागीदारी सुनिश्चित करने वाला यह विजन डाक्यूमेंट राज्य स्थापना दिवस पर एक नवंबर 2024 को प्रस्तुत करेंगे।
कभी सोचा था कि मुख्यमंत्री बनूंगा?
भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता कुछ बनने के सपने लेकर नहीं, बल्कि कुछ करने के सपने लेकर राजनीति में आता है। वह समाज के लिए कुछ कर सके, अपना तन-मन-धन लगा सके, इस उद्देश्य से आता है। मैंने भी पंचायत से अपनी राजनीतिक यात्रा प्रारंभ की। जिस भी दायित्व में रहा, पार्टी ने जब भी जो भी भूमिका मेरे लिए तय की, उस पर खरा उतरने की पूरी कोशिश की। नयी भूमिका को भी मैं इसी तरह देखता हूं।
आदिवासी समाज के उत्थान के लिए आपकी क्या सोच है?
हमारे प्रेरणास्रोत, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने आदिवासी बहुलता के कारण ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया। नए राज्य में हुए पहले चुनाव में भाजपा को जनादेश मिला और लगातार तीन बार भाजपा ने इस प्रदेश की तमाम चुनौतियों को अवसर में बदलने में सफलता हासिल की थी। हमारी सरकार अंत्योदय के आधार पर ‘सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास सबका प्रयास’ के मंत्र पर चलती है। समाज के हर वर्ग का उत्थान हमारी प्राथमिकता है। राज्य की 32 प्रतिशत आबादी आदिवासी है। यहां तक की मेरे सार्वजनिक जीवन की शुरुआत आदिवासियों के उत्थान को लेकर हुई। पंच से लेकर सरपंच और विधायक फिर लोकसभा सदस्य और केंद्र में मंत्री रहते हुए आदिवासियों के कल्याण के लिए जितना संभव हुआ अधिक से अधिक प्रयास किया। कुछ दिन पहले पेश किए गए बजट को यदि आप देखेंगे तो मेरी सरकार ने आदिवासियों के कल्याण के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं।
सरगुजा-बस्तर की ओर देखो की नीति क्या है ?
हम सरगुजा-बस्तर की ओर देखो की नीति पर काम कर रहे हैं। गोंड़, ऊरांव, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, बैगा, कंवर,कोया, धुरवा, हल्बा, अबूझमाड़िया समेत लगभग 50 जनजातियों के बीच राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं की पहुंच बढ़ा रही है। आदिवासी गांवों में 25 बुनियादी सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए ‘नियद नेल्लानार’ योजना शुरू की है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रति मानक बोरा पांच हजार 500 करोड़ रुपये संग्रहण शुल्क तय किया है।आदिवासियों के लिए चरणपादुका योजना के लिए 35 करोड़ रुपये का प्रविधान है, तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुकाएं मुहैया कराई जाएगी।
विरासत में मिली समस्याओं- चुनौतियों के संबंध में अभी तक क्या जमीनी सच्चाई सामने आ रही है। कैसे निपटेंगे?
प्रदेश में विकास की बहुत सी संभावना हैं। दृढ़ इच्छाशक्ति और राज्य के तीन करोड़ नागरिकों की भागीदारी से यह पूरा होगा। हम पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने वाले लोग हैं। आज हमारे सामने विश्व के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसा सशक्त नेतृत्व है। देश और प्रदेश के विकास में हर कोई भागीदार होना चाहता है। आवश्यकता है उन्हें दिशा और अवसर प्रदान करने की।
प्रदेश की आर्थिकी सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ को 10 जनपथ का एटीएम बना दिया था। भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद हावी था। राज्य सरकार का विकास से कोई वास्ता नहीं था, इसलिए देश का अर्थतंत्र रहे छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था निश्चित रूप से चुनौतियों से घिर गई थी, लेकिन हम निवेश के नये क्षेत्रों की पहचान कर रहे हैं। राज्य में खनिज, लौह अयस्क, कोयला से लेकर तमाम संसाधन हैं। सबसे बड़ी बात शांति और सद्भाव हमारे राज्य की पहचान है। जनकल्याण का पैसा यदि जनता के हित में ही खर्च होगा तो कहीं कोई चुनौती नहीं आएगी। आर्थिक सुधार के लिए समय-समय पर जो भी नीतिगत प्रयास जरूरी होंगे किए जाएंगे।
महतारी वंदन योजना की घोषणा ने विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी जीत दिलाई। क्या इसका मूल उद्देश्य राजनीतिक है ?
हम चुनावी घोषणाएं नहीं करते, बल्कि गारंटी देते हैं। हमारी तो विचारधारा ही अंत्योदय के मंत्र पर टिकी है। हां, लोकतंत्र में हर दल अपनी राजनीतिक विचारधारा के आधार पर कार्य करता है। जहां तक भाजपा का प्रश्न है, हमारी सरकार के लिए सुशासन, जनकल्याण सिर्फ चुनावी विषय नहीं हैं। ऐसे में महतारी वंदन योजना महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक सशक्तीकरण का नया अध्याय लिखेगी। इससे स्वावलंबन की राह खुलेगी। 70 लाख महिलाओं ने महतारी वंदन योजना के लिए आवेदन किया है। 12 हजार रुपये प्रतिवर्ष मिलने से वह पोषण, स्वास्थ्य एवं आजीविका जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग कर सकेंगी।
अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम लला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है, आपके हिसाब से रामराज्य के मायने क्या हैं ?
तुलसीदास जी ने मानस में लिखा है – दैहिक दैविक भौतिक तापा राम राज काहुहि नहि ब्यापा, अर्थात रामराज के मायने यह है जहां जनता के शारीरिक, भौतिक और आध्यात्मिक उन्नयन की व्यवस्था हो। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का एकात्म मानव दर्शन भी यही कहता है कि मानव का समेकित और एकीकृत विकास करना ही ध्येय होना चाहिए। हमारे लिए रामराज के मायने हैं - हर पेट तक अन्न, हर परिवार को पक्का आवास, सबको रोजगार, सबकी शिक्षा, सबको सहज स्वास्थ्य, सबके आध्यात्मिक उन्नयन के अवसर। 22 जनवरी 2024 देश के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ के रूप में दर्ज हो चुका है। श्री अयोध्याजी में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है। आज आप देखिए चारों ओर वातावरण राममय है। देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के लोग राम मंदिर के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे। आज वह राजनीतिक रूप से जनता द्वारा नकार दिए गए हैं। आज जिस प्रकार केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की भाजपा सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, उससे रामराज्य की अवधारणा मजबूत हुई है। आप लोगों में देश और समाज के प्रति एक उत्साह का भाव देख सकते हैं। अंत्योदय, सभी का कल्याण यही सच्चे अर्थों में रामराज्य है।
नक्सलवाद प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या बने रहने का क्या कारण है। मिशनरी और नक्सली गठजोड़ की बात भी सामने आ रही है। इसे कैसे तोड़ेंगे ?
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सल समेत सभी तरह के आतंक के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में आप देखेंगे तो नक्सली वारदातों में बड़ी कमी आई है। हां, कुछ नक्सली अभी भी कायराना हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं। नक्सली समस्या से निपटने के लिए भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार लगातार काम कर रही है। कुछ दिन पहले ही हमारे जवानों ने सुकमा के पूवर्ती जैसे दूरस्थ क्षेत्र में स्थायी कैंप लगाकर स्थानीय लोगों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित की है। मैंने स्वयं गृह मंत्रालय की समीक्षा बैठक में पुलिस अधिकारियों से कहा है कि नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखें। उनको किसी भी तरह का संरक्षण देने वालों पर पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी।
छत्तीसगढ़ में मतांतरण एक बड़ी समस्या है, आप भी इसके खिलाफ हैं, आगे की क्या रणनीति होगी ?
आदिवासी समाज के लोग बहुत भोलेभाले होते हैं। कुछ लोग धर्म की चादर ओढ़कर समाज को तोड़ने का काम करते हैं। वह समाज सेवा के नाम पर लोगों की आस्था और भावनाओं से खिलवाड़ भी करते हैं। ऐसे लोगों को मेरा साफ शब्दों में कहना है वह जितना जल्दी हो ऐसी हरकतों से बाज आएं। सरकार मतांतरण को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेगी। अब ऐसा करने वाली ताकतें चाहें कितनी भी मजबूत हों उनसे सख्ती से निपटेंगे। हाल ही में कांग्रेस के एक विधायक का वीडियो प्रसारित हुआ है जिसमें आपने देखा होगा कि किस तरह यहां लोगों को गुमराह किया जाता है। हमारे लिए मतांतरण का अर्थ राष्ट्रांतरण है, हम इसे इसी नजरिये से देखते हैं। भय या लोभ से किये गए किसी भी मतांतरण का हम दृढ़ता से मुकाबला करेंगे, इसे सहन नहीं करेंगे।
मोदी की गारंटी और सुशासन की स्थापना के लिए आपकी प्राथमिकताएं क्या होंगी ?
हमारी सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट में ही राज्य के 18 लाख गरीब परिवारों को घर देने का फैसला किया। 25 दिसंबर 2023 से ही हमने धान का दो साल का बकाया बोनस देने का निर्णय लिया है, जिसे कांग्रेस ने वादा करने के बावजूद नहीं दिया था। किसानों को धान का बकाया बोनस और 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी समेत महतारी वंदन योजना का वचन पूरा कर दिया है। हम पहले ही कह चुके हैं ‘हमने बनाया था अब हम ही संवारेंगे।’ पिछले पांच वर्षों में पैदा किये गए ‘भरोसे के संकट’ को समाप्त कर हम विश्वास एवं विकास का वातावरण निर्मित करेंगे।
प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के पिछड़ेपन का क्या कारण है ?
आदिवासी वन, खनिज एवं प्रकृति द्वारा प्रदान किए जाने वाले संसाधनों के संरक्षक हैं। आदिवासी समाज ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राष्ट्र के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाई है, लेकिन आजादी के बाद की सरकारों की दिशाहीन नीतियों की वजह से यह वर्ग विकास के आधुनिक मार्ग में पीछे छूट गया। केंद्र हो या फिर राज्य,भाजपा सरकार ने आदिवासी कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वह चाहे आदिवासी वर्ग के पढ़ने वाले बच्चों के लिए दिल्ली में छात्रावास सुविधा का विस्तार हो या आदिम भाषाओं का अनुवाद। आदिवासियों के रोजगार से लेकर सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को लेकर डबल इंजन की सरकार प्रतिबद्ध है।
आप अपने शांत स्वभाव के कारण कभी विवाद में नहीं रहे। विपक्ष के विवादास्पद लोगों से कैसे निपटेंगे ?
भारतीय जनता पार्टी विचारधारा आधारित पार्टी है। मेरे जैसे हर कार्यकर्ता का ध्येय जनकल्याण है। राजनीति हमारे लिए समाजसेवा का माध्यम है। पार्टी जब-जब जो दायित्व देती है, उसे हम पूरी निष्ठा से निर्वहन करते हैं। राजनीति को जब लोग स्वार्थ साधन का जरिया बना लेते हैं तब वह अनर्गल विषयों में लिप्त होते हैं। ऐसे लोग समाज में बहुत जल्दी बेनकाब हो जाते हैं। जहां तक छत्तीसगढ़ में विपक्ष की बात है तो लोकतंत्र में मर्यादित रहकर मुद्दे उठाने और अपनी बात कहने का अधिकार सभी को है। संविधान के दायरे में रहकर सबको अपनी बात कहने की आजादी है।
राज्य का खजाना लूटने वालों को सजा दिलाने के लिए क्या केंद्र सरकार पर ही निर्भर रहेंगे ?
हमने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती घोटाले को लेकर जो वादा किया था, उसे निभाया। इस मामले में जो भी दोषी हैं, कार्रवाई होगी। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने एफआइआर दर्ज कर ली है। सीबीआइ को भी जांच सौंपी गई है। कोयला, शराब, महादेव सट्टा एप, चावल घोटाला, डीएमएफ लगभग हर मामले में जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। भ्रष्टाचार और काले कारनामे करने वाले एक भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। कोल परिवहन से संबंधित व अन्य स्वीकृतियां देने की प्रक्रिया फिर से आनलाइन की जाएगी। हम दोषियों पर कार्रवाई भी करेंगे और पूरे शासन तंत्र में पारदर्शिता भी सुनिश्चित करेंगे।
युवाओं में निराशा है। उनके सर्वाग्रीण विकास के लिए क्या करने जा रहे हैं ?
हमारी सरकार बनते ही हमने पुलिस भर्ती सीमा में पांच साल की छूट का प्रविधान किया। पीएससी घोटाले में जांच के साथ ही पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं सुनिश्चित की जाएंगी। छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाएं संघ लोकसेवा आयोग की तर्ज पर होंगी। वार्षिक कैलेंडर भी जारी किया जाएगा। हर ब्लाक में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान देकर हम युवाओं में नवाचार और प्रतिभा को प्रोत्साहित करेंगे। नालंदा लाइब्रेरी की तर्ज पर पुस्तकालय बनेंगे। इसी तरह दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों की संख्या 65 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।
स्वामी आत्मानंद स्कूलों को लेकर कई अनियमितता की शिकायतें मिली हैं। इस पर सरकार क्या करने जा रही है?
स्वामी आत्मानंद स्कूल से जुड़ी कई शिकायतें सामने आई हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे की बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे, लेकिन जहां भी अनियमितता हुई हैं, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
गोधन न्याय, नरवा-गरवा-घुरुवा-बारी जैसी योजनाओं की समीक्षा हो रही है। क्या परिणाम आ रहे हैं ?
सुशासन की स्थापना के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। जनता से मिले फीडबैक, शिकायतों का समाधान करना हमारी प्राथमिकता है। जहां भी गड़बड़ी की शिकायत मिलेगी सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनता के पैसे जनता के हित में ही खर्च होंगे। जनहित में लिए गए निर्णयों को समाज से स्वीकार्यता और समर्थन भी मिलता है।
जातिवादी और सांप्रदायिक उन्माद फैलाने वालों को जनता ने नकारा है। ऐसा करने वालों पर कैसे नियंत्रण किया जाएगा?
कांग्रेस हमेशा से जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टीकरण की राजनीति करती रही है। जनता अब उनके इन कृत्यों को पहचान चुकी है। प्रदेश के कानून और व्यवस्था के लिए चुनौती बनने वाले किसी भी शख्स को चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो सख्ती से निपटा जाएगा। मैंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि असामाजिक तत्वों में पुलिस का भय होना चाहिए।
कांग्रेस की सरकार में पीएम आवास, जल जीवन मिशन जैसी केंद्र की कई योजनाओं बाधित रहीं, इन्हें पूरा करने में कितनी चुनौती मानते हैं?
हम पहले ही कह चुके हैं, हमने बनाया था अब हम ही संवारेंगे। हमने आते ही राज्य के 18 लाख गरीब परिवारों को घर देने का फैसला किया गया। धान का दो साल का बकाया बोनस दिया। किसानों की धान 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी समेत महतारी वंदन योजना का वचन पूरा कर दिया है। बाकी गारंटियां भी पूरी होंगी, इसकी गारंटी है।
आप बेहतर औषधि विशेषज्ञ हैं। प्रदेश में औषधियों के संवर्धन व संरक्षण के लिए क्या कार्ययोजना होगी ?
छत्तीसगढ़ वन एवं औषधीय महत्व की विरासत से संपन्न राज्य है। हमने बजट में इस क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की हैं। एकीकृत बागवानी विकास योजना के लिए 205 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। औषधीय पौधों के संवर्धन को लेकर लोग प्रेरित होंगे। इससे इस क्षेत्र में उद्यमशीलता आएगी।
छत्तीसगढ़ में पर्यटन की दृष्टि से विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। इस पर आपकी क्या सोच है?
छत्तीसगढ़ भौगौलिक एवं सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध राज्य है। सरगुजा और बस्तर क्षेत्र में वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किए जाने की हमारी योजना है। इसके अलावा हम प्रदेश को आध्यात्मिक पर्यटन के नजरिए से भी विकसित करना चाहते हैं। राज्य के पांच शक्तिपीठों के विकास की विस्तृत योजना बनाने के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान भी हुआ है।