रायपुर, ब्यूरो। मार्क्सवादी पार्टी [ सीपीएम ] के महासचिव तथा सांसद सीताराम येचुरी ने कहा है कि मोदी सरकार के नोटबंदी का फैसला लोगों पर सरकार का आर्थिक हमला है। लोग अपनी मेहनत की कमाई बैंकों से नहीं निकाल पा रहे हैं। हजारों उद्योग नोटबंदी के चलते बंद हो गए, जिससे लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं। कर्ज से लदे किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं और सरकार कैश उपलब्ध कराने के बजाय कैशलेस अर्थव्यवस्था पर जोर दे रही है, जिससे मुनाफाखोरी और ब़$ढेगी। येचुरी पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि विदेशी बैंकों को जिंदा रखने सरकार बहुत रकम देती है जबकि हमारे बैंकों का 11 लाख करा़े$ड का कर्ज वापस नहीं हो रहा और उनकी हालत खराब हो गई है। कर्जदारों की संपत्ति जब्त कर बैंकों का कर्ज वापस दिलाना था पर ऐसा नहीं किया गया। विजय माल्या 9 हजार करा़े$ड लेकर भाग गया। अमेरिका के दबाव में भारत झुक गया है। चीन से संबंध खराब हो रहे हैं। येचुरी ने कहा कि विपक्षी दल प्रयास करते हैं कि सदन चले, प्रधानमंत्री वहां आएं और नोटबंदी पर जवाब दें।

उन्होंने कहा कि समय से पहले बजट पेश करने से नवंबर, दिसंबर के आंक़डे नहीं आएंगे जिससे सरकार जवाब देने से बच जाएगी। लोकसभा व विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की योजना भी मोदी सरकार की एक चाल है। इससे उन्हें फायदा होगा, लेकिन इससे पहले नियमों में बदलाव करना होगा। राजनीति में भ्रष्टाचार रोकने सरकार को कारपोरेट डोनेशन पर रोक लगानी चाहिए। उद्योगपति राजनीतिक दलों को चंदा देने के बजाय सीधे चुनाव आयोग को दान दें। येचुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते थे कि 90 फीसदी काला धन विदेशों में है, पर वहां से कोई पैसा नहीं आया। बैंकों की लाइन में 125 लोग मर गए, उन्हें मुआवजा तक नहीं मिला।
प्रदेश में संगठन का विस्तार करेगी सीपीएम
सीपीएम छत्तीसग़ढ में अपना जनाधार ब़$ढाएगी। येचुरी ने गुरुवार को रायपुर में सीपीएम के राज्य अधिवेशन का शुभारंभ करते हुए कहा कि पार्टी की कार्यप्रणाली में सुधार कर जनता से संपर्क ब़$ढाने की जरूरत है। दलितों पर हिंसा के मामले ब़$ढे हैं, भाजपा देश को सांप्रदायिक विभाजन की ओर ले जा रही है। ऐसे में जनसंगठन व पार्टी का विस्तार जरूरी है। अधिवेशन में सीपीएम के केंद्रीय सचिव जोगेंद्र शर्मा, राज्य इकाई के सचिव कामरेड संजय पराते, धर्मराज महापात्र, बी सान्याल, एमके नंदी, वकील भारती, जितेंद्र सा़े$ढी सहित पूरे प्रदेश के 75 चुने हुए प्रतिनिधि उपस्थित थे।

चिटफंड मामले में दोषियों की संपत्ति करने की मांग

Posted By: Bhupendra Singh