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कानूनी शिकंजे के बावजूद सक्रिय है 'महादेव ऐप', दो नई वेबसाइटों से चल रहा अवैध कारोबार, व्हाट्सएप से हो रहा लेन-देन

Published: Tue, 03 Nov 2026 11:53 PM (IST)

कानूनी शिकंजे के बावजूद महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप दो नए डोमेन - mahadevonline.com और mahadevbookz.com - के माध्यम से सक्रिय है।

कानूनी शिकंजे में आने के बाद भी चल रहा सौरभ चंद्राकर का अवैध साम्राज्य

कानूनी शिकंजे में आने के बाद भी चल रहा सौरभ चंद्राकर का अवैध साम्राज्य

HighLights

  1. महादेव ऐप दो नए डोमेन से सक्रिय है।

  2. VPN के जरिए mahadevonline.com अभी भी चल रहा।

  3. व्हाट्सएप के माध्यम से हो रहे हैं अवैध लेनदेन।

कादिर खान, रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में जहां प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पण कर भारत लाया गया है, वहीं इंटरनेट पर दो डोमेन नेम महादेवआनलाइन डाट काम और महादेवबुक्ज डाट काम मिले हैं। इनके जरिये अब भी अवैध कमाई का खेल जारी है।

खास बात यह कि इनमें से एक वेबसाइट महादेवआनलाइन डाट काम भारत में ओपन नहीं हो रही, लेकिन वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) के माध्यम से वेबसाइट खुल रही है। तीन अप्रैल 2021 को लिया गया यह डोमेन 2027 तक के लिए रजिस्टर्ड है। इसका सर्वर लोकेशन मुंबई दिख रहा है।

इसी तरह पांच अक्टूबर 2025 से सक्रिय वेबसाइट महादेवबुक्ज डाट काम आसानी से भारत में खुल रही है। इस डोमेन को पांच अक्टूबर 2027 तक के लिए बुक किया गया है। इंटरनेट मीडिया पर सर्च करने पर इसका सर्वर लोकेशन कैलिफोर्निया के सैन होजे दिख रही है।

इस डोमेन में दी गई जानकारी के अनुसार, यह महाराष्ट्र से संचालित है। ऐसी वेबसाइटों पर किसी भी प्रकार का यूजर रजिस्ट्रेशन या आटोमेटेड अकाउंट क्रिएशन सिस्टम (यूजर डैशबोर्ड) उपलब्ध नहीं होता। वेबसाइट का उपयोग केवल यूजर को आकर्षित करने और निर्देश देने के लिए किया जाता है।

वाट्सएप के जरिये खातों का संचालन

उपयोगकर्ता जब वेबसाइट पर दिए गए लिंक पर क्लिक करते हैं तो वे सीधे एक वाट्सएप चैट से जुड़ते हैं। फिर आपरेटर (पैनल एजेंट) उपयोगकर्ताओं को यूजर आइडी, पासवर्ड और सट्टेबाजी या गेमिंग क्रेडिट उपलब्ध कराते हैं।

पैसों का लेन-देन (डिपाजिट और विड्राल) भी यूपीआइ या बैंक खातों से यही आपरेटर करते हैं। डोमेन या मुख्य वेबसाइट ब्लाक होने की स्थिति में नेटवर्क को चालू रखने और सीधे ट्रैकिंग से बचने के लिए यह माडल अपनाया जाता है।

वीपीएन कैसे करता है काम

वीपीएन इंटरनेट इस्तेमाल करते समय डिवाइस और सर्वर के बीच एन्क्रिप्टेड कनेक्शन बनाती है। इससे वास्तविक आइपी एड्रेस छिपाने और आनलाइन गतिविधियों की गोपनीयता बनाए रखने में मदद मिलती है। प्रतिबंधित या ब्लाक वेबसाइट तक पहुंचने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, वीपीएन का इस्तेमाल गैरकानूनी नहीं है।

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