रायपुर, डिजिटल डेस्क। भूपेश बघेल ने आईसीआईसीआई अकादमी ऑफ स्किल्स द्वारा आयोजित दीक्षांत समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके युवाओं को प्रमाण पत्र के साथ नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन और अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू भी उपस्थित थे। दुर्ग में आईसीआईसीआई फाउंडेशन द्वारा लाइवलीहुड कॉलेज और अकादमी ऑफ स्किल्स द्वारा गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है। इस अकादमी द्वारा बच्चों को कौशल विकास के साथ समाजिक जागरूकता और लाइफ स्किल्स की ट्रेनिंग दी जा रही है। स्वरोजगार से महिला सशक्तिकरण के कार्य भी हो रहे हैं, कई परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। जुवेनाइल सेन्टर में मोबाइल रिपेयरिंग सहित अन्य स्किल डेवलप करने का कार्य किया जा रहा है।

होनहार सभी बच्चों को बहुत बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महात्मा गांधी जी और शास्त्री जी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि यह बहुत प्रसन्नता की बात है कि आईसीआईसीआई बैंक केवल बैंकिंग ही नहीं सामाजिक क्षेत्र में भी काम कर रहा है। हर साल डेढ़ हजार बच्चे रोजगार के लिए तैयार हो रहे हैं, बैंक की सोच के लिए बधाई देता हूँ। बच्चों के सपने इस प्रयास से साकार होंगे, आज जिन बच्चों को प्रमाणपत्र और नियुक्ति पत्र दिया गया है उन सभी बच्चों को बहुत बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।

आईसीआईसीआई अकादमी ऑफ स्किल्स के अग्रणी छात्र-छात्राओं को सम्मान

गौरतलब है कि आईसीआईसीआई बैंक की छत्तीसगढ़ में 120 शाखाएं संचालित हैं। आईसीआईसीआई अकादमी ऑफ स्किल्स के अग्रणी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री ने प्रमाण पत्र प्रदान किया। आईसीआईसीआई एकेडमी फॉर स्किल्स के दुर्ग केंद्र ने 9,600 से अधिक युवाओं को मुफ्त व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया है। प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को अकादमी की पहल से प्रतिष्ठित संगठनों में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हुए हैं। आज आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त 166 युवाओं को प्रमाण पत्र और नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

दुर्ग में अकादमी केंद्र युवाओं को पांच कौशलों में प्रशिक्षण प्रदान करता है

आईसीआईसीआई अकादमी दुर्ग में एसपीएलसीएस (स्टेट प्रोजेक्ट लाइवलीहुड कॉलेज सोसाइटी) और आईसीआईसीआई फाउंडेशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार के बीच सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। दुर्ग में अकादमी केंद्र युवाओं को पांच कौशलों में प्रशिक्षण प्रदान करता है, वे हैं इलेक्ट्रिकल और घरेलू उपकरण मरम्मत, बिक्री कौशल, प्रशीतन (रेफ्रीजरेटर) और एयर कंडीशनिंग मरम्मत, सेंट्रल एयर कंडीशनिंग और कार्यालय प्रशासन।

केंद्र ने 9,604 से अधिक प्रशिक्षुओं को मुफ्त व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया

इस केन्द्र की स्थापना 2015 में की गई। अपनी स्थापना के बाद से, केंद्र ने 9,604 से अधिक प्रशिक्षुओं को मुफ्त व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया है और युवाओं को 100 प्रतिशत प्लेसमेंट भी प्रदान किया है। इस वर्ष अकादमी के 166 छात्रों ने अपना प्रशिक्षण पूरा किया और सफलतापूर्वक स्थान प्राप्त किया। प्रशिक्षण की अवधि तीन महीने है इन पाठ्यक्रमों के लिए पात्र होने के लिए, तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए कम से कम कक्षा 8वीं और गैर तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए कक्षा 10वीं पास करना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षुओं की आयु 18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

स्थायी आजीविका अर्जित करने में मदद करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है

दीक्षांत समारोह में आईसीआईसीआई बैंक के सुहासनायक और प्रवीण त्रिवेदी ने कहा कि युवाओं को मुफ्त नौकरी उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करने और उन्हें हमारे उद्योग नेटवर्क और साझेदारी के माध्यम से रोजगार के अवसर खोजने में मदद की जा रही है। समावेशी विकास के लिए आईसीआईसीआई फाउंडेशन, आईसीआईसीआई समूह की सीएसआर शाखा, आईसीआईसीआई फाउंडेशन फॉर इनक्लूसिव ग्रोथ (आईसीआईसीआई फाउंडेशन) शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास और सतत आजीविका, पर्यावरण संरक्षण, वित्तीय समावेशन, स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा के क्षेत्रों में कार्य कर रही है। आईसीआईसीआई एकेडमी फॉर स्किल्स, आईसीआईसीआई रूरल लाइवलीहुड प्रोग्राम और आईसीआईसीआई रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स के माध्यम से युवाओं को स्थायी आजीविका अर्जित करने में मदद करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

Edited By: Vijay Kumar

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